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Sunday, March 8, 2026

गुजरात की पूर्व राज्यपाल डॉ. कमला बेनीवाल का निधन, पूर्व सीएम गहलोत, डोटासरा, कांग्रेस न पायलट सहित कई नेताओं ने जताया शोक

गुजरात की पूर्व राज्यपाल और पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. कमला बेनीवाल (97) का निधन हो गया। बुधवार दोपहर बाद उन्होंने जयपुर के फोर्टिस अस्पताल में अंतिम सांस ली। जवाहर सर्किल के पास आवास पर आज खाना खाने के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें फोर्टिस अस्पताल लेकर गए, जहां इलाज के दौरान उनका देहांत हो गया। अंतिम संस्कार गुरुवार को जयपुर में होगा।

गुजरात की पूर्व राज्यपाल कमला बेनीवाल के एक बेटा और चार बेटियां हैं। उनके बेटे आलोक बेनीवाल शाहपुरा से निर्दलीय विधायक रह चुके हैं। कमला बेनीवाल के निधन पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट सहित कई नेताओं ने शोक जताया है।

गुजरात की पूर्व राज्यपाल कमला बेनीवाल का जन्म 12 जनवरी 1927 को झुंझुनूं जिले के गोरिर गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। 11 साल की उम्र में उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लिया था। पढ़ाई लिखाई में रुचि थी, उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से इतिहास में एमए तक की शिक्षा ली। वे स्टूडेंट जीवन से तैराक, घुड़सवार बन गई थीं। संस्कृत के प्रति भी उन्हें लगाव था।

पढ़ाई खत्म करने के बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी जॉइन कर ली। 1954 में राजस्थान की पहली महिला मंत्री बनीं। कमला बेनीवाल आजादी से लेकर 2014 तक राजनीति में सक्रिय रहीं। वे राजस्थान सरकार में मंत्री, डिप्टी सीएम और गुजरात, त्रिपुरा और मिजोरम की राज्यपाल रहीं। कांग्रेस पार्टी में कई पदों पर भी रहीं।

प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली ने डॉ. कमला के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की , कांग्रेस पार्टी के लिए बताया अपूरणीय क्षति                      

प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने राजस्थान की पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं गुजरात, त्रिपुरा और मिजोरम की पूर्व राज्यपाल डॉ. कमला के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।

जूली ने अपने शोक संदेश में कहा कि स्वाधीनता आंदोलन से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाली डॉ. कमला जी ने सदैव शुचिता, सत्यता,  सिद्धांत और मूल्यों पर आधारित राजनीति की। वे प्रखर वक्ता, कुशल प्रशासक, निर्भीक और सच्ची जनप्रतिनिधि थीं। सात बार विधायक रही डॉ. कमला राजस्थान विधानसभा की विभिन्न समितियों में सदस्य और सभापति रहीं।

वे राज्य सरकार में उपमंत्री, राज्यमंत्री, मंत्री और उप मुख्यमंत्री रहीं। अपने लम्बे राजनीति सफर के दौरान उन्होंने नारी शिक्षा, नारी उत्थान, महिला सहकारिता और किसानों के लिए उल्लेखनीय कार्य किए।  

डॉ. कमला जी का निधन राजस्थान की राजनीति के साथ ही कांग्रेस पार्टी के लिए भी अपूरणीय क्षति है। उनके द्वारा दिए गए उल्लेखनीय योगदान को सदैव आदर सम्मान से याद किया जाएगा।

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