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Saturday, March 7, 2026

ढ़ाई साल का मासुम कर रहा था पापा के घर लौटने का इंतजार,लेकिन पापा की घर पहुंची तिंरगे में लिपटी पार्थिव देह

सीकर।  श्रीमाधोपुर क्षेत्र के इलाके के पटवारी का बास निवासी जवान कमल किशोर बिजारणियां मातृभूमि की रक्षा करते हुए गुरुवार रात को शहीद हो गए थे, जिनका गमगीन माहौल में उनके पैतृक गांव पटवारी का बास की नीमवाली ढ़ाणी में शुक्रवार राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। ड्यूटी के दौरान शहीद जवान कमल किशोर जो कि अपनी टीम के साथ मिशन पर था इसी दौरान वह शहीद हो गया। जैसे ही जवान के शहीद होने का समाचार बटालियन के साथियों व गांव में ग्रामीणों को लगा तो पूरे गांव में शोक की लहर छा गई। जवान कमल किशोर वर्ष 2016 में सेना में भर्ती हुआ था और 2017 से आर्मी में 123 टीए ग्रेनेडीर बटालियन इको कंपनी श्रीनगर नगर में तैनात था। शहीद कमल किशोर को ढ़ाई वर्षीय पुत्र नक्षित चौधरी ने मुखाग्नि दी। सेना के जवानों ने शहीद कमल किशोर को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी। सेना के अधिकारियों ने शहीद के ढ़ाई वर्षीय पुत्र नक्षित चौधरी तथा पिता मांगीलाल को कमल किशोर की निशानी के रूप में तिरंगा तथा वर्दी हाथों में थमाई। हाथों में तिरंगा तथा वर्दी देने के दौरान पूरा माहौल नम आखों से गमगीन हो उठा। जवान कमल किशोर का पार्थिव देह बीती रात्रि में हवाई जहाज से जयपुर पहुंचा। जहां से जवान की पार्थिव देह को सेना के ट्रक में सड़क मार्ग से श्रीमाधोपुर लाया गया। श्रीमाधोपुर के बाईपास स्थित हावड़ा मोड़ पर जवान का पार्थिव पहुंचा तो वहां मौजूद लोगों ने जवान कमल किशोर अमर रहे, भारत माता की जय के नारे लगाए। तिरंगे में लिपटी जवान की पार्थिव देह को तिरंगा बाइक रैली के साथ पैतृक गांव पटवारी का बास के लिए रवाना हुए। इस दौरान हजारों की संख्या में ग्रामीण और स्कूली छात्र.छात्राओं ने हाथों में तिरंगा लहराते हुए जब तक सूरज चांद रहेगा कमल किशोर का नाम रहेगा और भारत माता के जयकारे के नारे लगाए गए।

मौत से दो घंटे पहले की थी पत्नी से बातः.
जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह ही जवान कमल किशोर ने अपनी पत्नी कविता उर्फ मंजू से वीडियो के जरिए बात की थी इस दौरान वह दही व पराठे खा रहा था। जवान अपनी पत्नी को एक मार्च को छुट्टी पर घर आने की बात भी कही थी। क्योंकि उसकी बहन के यहां 5 मार्च को कार्यक्रम था । जवान कमल किशोर का विवाह कविता उर्फ मंजू से वर्ष 2019 में हुआ था और उसके करीब ढाई माह का एक बेटा नक्षित चौधरी भी है। कमल किशोर छह भाई बहनों में सबसे छोटा था। उसके एक बड़ा भाई गणपत सिंह जो फौज में कार्यरत है। वहीं चार बहने भी शादीशुदा है। पिता मांगीलाल गांव में ही कृषि का कार्य करते हैं वही माता ननची देवी का काफी समय पहले निधन हो चुका है। 

पत्नी पार्थिव देह को देखकर हुई बेसुध, हर किसी की थी नम आखेंः

जैसे ही कल सुबह पत्नी कविता उर्फ मंजू देवी तथा शहीद जवान कमल किशोर के पिता मांगीलाल को बेटे की शहादत का समाचार मिला तो उनका कलेजा फट पड़ा और वह फूट.फूट कर रोने लग गए। वहीं पत्नी कविता का रो- रो कर बुरा हाल था, वह बार-बार बेसुध हो रही थी, जिसे आसपास की ग्रामीण महिलाओं ने संभाला।

इन्होंने किए शहीद को पुष्प चक्र अर्पितः

शहीद कमल किशोर की पार्थिव देह पर नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा, सीकर सांसद सुमेधानंद सरस्वती, खंडेला विधायक सुभाष मील, जिला कलेक्टर सीकर कमर उल जमान चौधरी, एएसपी गजेन्द्र सिंह जोधा, डिप्टी खण्डेला इंसार अली, थानाधिकारी जाजोद अशोक सिंह, सेना के सीओ नरेंद्र सिंह, एसडीएम श्रीमाधोपुर दिलीपसिंह राठौड़, खण्डेला बृजेश कुमार, तहसीलदार लोकेन्द्र मीणा, पूर्व केन्द्रीय मंत्री महादेव सिंह खण्डेला सहित सेना के जवानों और जनप्रतिनिधियों सहित ग्रामीणों ने पुष्प चक्र अर्पित कर अंतिम विदाई दी।

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