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Sunday, March 8, 2026

द्वापर से कलयुग तक और धर्म से धन तक भारत की जीडीपी में गौधन का सबसे बड़ा महत्व- वेदविज्ञ महामना पंडित जमनालाल शर्मा

गोपाष्टमी के अवसर पर श्री पिंजरापोल गौशाला, सांगानेर में गोपाष्टमी में एक समारोह एवं भव्य मेले का आयोजन किया गया।
इस दिव्य एवं भव्य समारोह में करीब 15000 गौ सेवक एवं भक्तजनों
ने उत्साह से भाग लिया। इस अवसर पर विभिन्न प्रकार के गौ उत्पादों की स्टालें लगाई गईं जिनके माध्यम से गौशाला में बन रहे उत्पादों की जानकारी दी गई। भारत की कृषि एवं गौधन के महत्व को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास एवं देश की जीडीपी में योगदान को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जनमानस के सामने प्रस्तुत करने के लिए गौ मूत्र एवं गोबर पर हो रहे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान को न केवल समझाया वल्कि साक्षात् रूप में उत्पादों के माध्यम से प्रदर्शित भी किया गया।

गौशाला परिवार द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह को जिला बूंदी स्थित केशव राय मंदिर तीर्थ के प्रमुख महंत एवं वेदपाठी पंडित जमनालाल शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि भगवान योगेश्वर कृष्ण तो स्वयं गौ की सेवा के लिए देवलोक से भूलोक में अवतारित हुए। उन्होंने भगवान राम और कवि रसखान के गौ प्रेम एवं काव्य को भी विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि गौ का महत्व परमात्मा के प्रथम लिखित संदेश यानी वेदों में भी अनेकों बार आया है जिससे स्पष्ट होता है कि गौ का महत्व न केवल धार्मिक है वल्कि आर्थिक और सामाजिक भी है।

संपूर्ण रामायण के कंठस्थ ज्ञाता होने के साथ-साथ वेदपाठी पंडित जमनालाल शर्मा केशोरायपाटन में पाटन बालिका महाविद्यालय का भी संचालन कर रहे हैं जिसमे गरीब एवं वंचित परिवारों की बालिकाओं को निशुल्क शिक्षा दी जाती है l ज्ञात रहे कि पंडित जमुनालाल शर्मा जी का आशीर्वाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई एवं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया जैसे राजनेता सदैव लेते रहे हैंl

पंडित जमनालाल जी ने प्रसिद्ध गौ सेवक राजू मंगोड़ीवाला एवं प्रसिद्ध मोटिवेशनल गुरु पीएम भारद्वाज एवं गौशाला समिति को इस पवित्र कार्य के लिए आशीर्वाद एवं साधुवाद भी दिया l
कार्यक्रम के दौरान संयोजक राजू मंगोड़ीवाला ने बताया कि गौशाला को प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थाओं एवं उद्योगों से जोड़ा जा रहा है ताकि गौ उत्पादों पर रिसर्च की जा सके l राजू मंगोड़ीवाला ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध मोटिवेशनल गुरू श्री पी एम भारद्वाज को
इस कार्य के लिए गौशाला प्रबंधन कमेटी ने मनोनीत किया है ताकि गौधन और गौधन से उत्पन्न उत्पादों पर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शोध कार्यों को आगे बढ़ाया जा सके। ज्ञात रहे कि राजू मंगोड़ीवाला एवं पीएम भारद्वाज गौशाला एवं विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ एक ऐसा समन्वय स्थापित करना चाहते हैं जहां पर गौ सेवा को गौ शिक्षा एवं गौ शोध से जोड़कर आगे बढ़ाया जा सके।
जात रहे कि पी एम भारद्वाज भारत सरकार के चार सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थानों के एम डी / सी एम डी के पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं और अब वे गोधन एवं गौ उत्पादों को इंडस्ट्री एवं व्यापार से जोड़कर ग्रामीण विकास का नया मॉडल देश में स्थापित करना चाहते हैं। मंच संचालन करते हुए पीएम भारद्वाज ने कहा कि गौपालन का महत्वपूर्ण योगदान भारतवर्ष की संस्कृति एवं सभ्यता के साथ-साथ इकोनामी से भी प्राचीन काल से ही जुड़ा हुआ है l उन्होंने आगे कहा कि गौपालन हमारे देश की आर्थिक स्थिति को और भी ज्यादा सुधार सकता है एवं इसके लिए हमें इंडस्ट्री, एकेडमी एवं समाज सेवा के मंच पर संयुक्त प्रयास करने चाहिए l
पाटन बालिका महाविद्यालय की प्राचार्या एवं निर्देशक प्रोफेसर अनुरागी शर्मा ने भी गौ सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला l
इस अवसर पर गौशाला के अध्यक्ष नारायण मूंगे वाला, महासचिव शिव रतन जी चितलांगिया तथा मेला संयोजक राजू मंगोड़िवाला समेत कार्यकारिणी के अन्य सदस्य उपस्थित थे l
हिंदुस्तान साल्ट एवं सवार साल्ट के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कमोडोर कमलेश कुमार, पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉक्टर सुरेश चंद्र, प्रसिद्ध उद्योगपति बीके शर्मा, जेकेजे के संस्थापक सुनील जी, प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर अलवर के महंत धर्मेंद्र शर्मा जी, जयपुर एवं इंडस हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉक्टर प्रदीप शर्मा जी, रोटरी के वाइस चेयरमैन रोटेरियन महेंद्र शर्मा जी एवं प्रसिद्ध समाजसेवी सादुल सिंह जी भी इस मौके पर उपस्थित थे l

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