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Monday, March 9, 2026

नए कानून से कैसे होगा काम, आईपीसी-सीआरपीसी एक्ट में क्या बदलाव हुए को लेकर पुलिस मुख्यालय पर सेमिनार, डीजीपी साहू ने कहा रेंज स्तर पर होगी सेमिनार

पुलिस अधिकारियों को नए कानून से अवगत कराने और उसमें हुए बदलावों के बारे में बताने के लिए पुलिस मुख्यालय में सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में डीजीपी यूआर साहू , सुप्रीम कोर्ट के वकील निशीथ दीक्षित, मेघालय के रिटायर्ड डीजी अतुल कुमार माथुर सहित राजीव गांधी राष्ट्रीय विधि विवि पटियाला (पंजाब) के एसोसिएट प्रोफेसर मनोज कुमार शर्मा रहे। इस दौरान पुलिस अधिकारियों को नए कानून का पाठ पढ़ाया गया कि कैसे नए कानून से काम होगा। आईपीसी-सीआरपीसी और एविडेंट एक्ट में क्या-क्या बदलाव किए गए हैं।

डीजीपी यूआर साहू ने बताया कि गृह मंत्रालय के निर्देश पर यह सेमिनार देश के हर राज्य की पुलिस कर रही है। इसी कड़ी में इस सेमिनार का आयोजन किया । पुलिस मुख्यालय के अधिकांश पुलिस अधिकारियों सहित फील्ड में लगे आईपीएस अधिकारियों को इस सेमिनार में भाग लेने के निर्देश दिए गए थे, ताकि एक्सपर्ट की मौजूदगी में सभी अधिकारियों को कोई नए कानून की जानकारी दी जा सके। जब गृह मंत्रालय नए कानून को लागू करने का निर्देश दें तो उस समय किसी को परेशान नहीं हो, इसलिए यह सेमिनार रखा गया। आने वाले दिनों में रेंज और जिला स्तर पर इसे कराया जाएगा, ताकि पब्लिक डीलिंग करने वाले अधिकारी नए कानून को अच्छी तरह से समझ सकें।

पुलिस मुख्यालय में यह सेमिनार राजस्थान पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय और केंद्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण संस्थान जयपुर, पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के संयुक्त तत्वाधान में किया गया, जिसमें नव संशोधित/अधिनियमित आपराधिक अधिनियम (बीएनएस, बीएनएसएस और बीएसए) पर एक दिवसीय सेमिनार रखा गया। सुबह 9.30 बजे से 10 बजे तक नए कानूनों पर संसद में गृह मंत्री के प्रलेखित भाषण का वीडियो दिखाया गया। इसके बाद 10 बजे से 10.40 बजे तक क्या साथ आया है और क्या पीछे छोड़ दिया गया है, विषय पर राजीव गांधी राष्ट्रीय विधि विवि पटियाला (पंजाब) के एसोसिएट प्रोफेसर मनोज कुमार शर्मा ने विचार रखे।

इसके बाद डीजीपी यूआर साहू ने सुबह 11.30 बजे से 11.40 बजे तक उद्घाटन संबोधन किया। नए कानूनों के बुनियादी बदलाव और क्या हमने प्रौद्योगिकी की अनिवार्यताओं को सही ढंग से समझ लिया है? विषय पर सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट निशीथ दीक्षित ने अपने विचार साझा किए। बीएनएसएस, बीएनएस व बीएसए के नए कानूनों की बारीकियों को समझना, लेकिन न्याय शास्त्र के दर्शन को नहीं भूलना चाहिए विषय पर मेघालय के रिटायर्ड डीजी अतुल कुमार माथुर ने प्रकाश डाला।

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