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Saturday, March 7, 2026

मुख्यमंत्री ने सैर कर चाय की ली चुस्की,कार्यकर्ताओं के साथ बैठे महाकाल पर

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपनी साधगी के रूप में पहचाने जाते हैं। भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री बन जाने के बाद भी उनके व्यक्तित्व और व्यवहार में थोड़ा सा भी बदलाव नहीं आया, वरना सत्ता का नशा चढ़ने के बाद तेवर सातवें आसमान पर होते हैं और ज़मीन बहुत छोटी लगने लगती हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा किसी ना किसी बहाने ही सही आम आदमी के पास पहुँच जाते हैं और ऐसा अहसास करवा देते हैं मैं आपसे दूर नहीं हूँ।

ऐसा ही अहसास मुख्यमंत्री भजानलाल शर्मा ने तब भी करवा डाला जब वे सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले। मॉर्निंग वॉक के दौरान वे कई लोगों से बेहद साधारण अन्दाज़ में मिले और इसके बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उनके साथ बीजेपी के कई नेता सी स्कीम स्थित सैनी कचौड़ीवाला के पहुँच गये और थड़ी पर बैठकर चाय पी। इस साधारण अन्दाज़ को जिस किसी ने भी देखा उसे विश्वास नहीं हुआ कि राज्य का मुख्यमंत्री इस थडी पर बैठकर चाय पी रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की इस सादगी का हाल कोई क़ायल हुआ। इसी के साथ साथ बीजेपी के वरिष्ठ केंद्रीय स्तर के पदाधिकारी भी साथ आये। लोकसभा चुनाव प्रभारी राजस्थान विनय सहस्त्रबुद्धे अपने पदाधिकारियों के साथ इस दुकान पर आये जहाँ दुकान मालिक बाबूलाल सैनी ने ग़ुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया और इस दौरान उन्होंने दुकान पर चाय और कचौड़ी का नाश्ता भी किया। उन्होंने चाय की तारीफ़ करते हुए कहा कि मैं पूरे भारत में संगठन के काम से घूमता हूँ, लेकिन यहाँ की चाय का स्वाद बेहद ख़ास हैं।

वैसे इस थड़ी का भी इतिहास बहुत पुराना हैं सीकर ज़िले के रामगढ़ सेठान ( जो कि सेठों के गाँव के नाम से भी मशहूर हैं ) से गीगजी ने इस थड़ी की शुरुआत की थी तब से इस थड़ी पर आकार कई लोग नेता और नेता विधायक और मंत्री बन गये। यहाँ पर आकर चाय कचौड़ी के साथ कई तरह की राजनीतिक बातें लोग चाय की चुस्कियों पर करते आमतौर पर देखे जा सकते हैं ।यह दुकान बीजेपी कार्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित हैं तो यहाँ कई नेता आते हैं और चाय के साथ प्रदेश स्तर की राजनीति की रणनीति बनाते रहते हैं। कुछ अपने राजनीतिक सपनों को पूरा होने का ख़्याल देखते हैं।

यह दुकान बहुत पुरानी हैं। अब इसे बाबूलाल सैनी, राजू सैनी ,रवि सैनी और उनके परिवार के सदस्य चलाते हैं। अपने पीढ़ियों से चलाये हुए स्वाद और ज़ायके को ये पीढ़ी भी बरकरार रखे हुए हैं और दिन रात मेहनत कर गीगजी के नाम को अमर रखे हुए हैं।

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