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Saturday, March 7, 2026

मोदी हैं तो मुमकिन हैं पर यहां तो खुद मोदी को ही जगह नहीं।


दिव्य गौड़,जयपुर।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब से राजस्थान में आकर यह कहा कि राजस्थान विधानसभा चुनाव हम कमल के निशान पर ही लड़ेंगे तब से राजस्थान की सियासत में एक बात तो साफ हो चुकी है कि राजस्थान में मुख्यमंत्री फेस के लिए जो लड़ाई पहले चल रही थी अब वह लड़ाई नहीं है। लेकिन विधानसभा चुनाव पार्टी के सभी नेता कमल के निशान के तले लड़ेंगे, यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बहुत ही खुले तौर पर साफ कर दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयपुर के पास दादिया में हुई विशाल आमसभा में यह साफ कर दिया था कि देश में मोदी ही गारंटी है और मोदी के नाम पर ही गारंटी चल रही है, लेकिन भाजपा की जोधपुर की सभा में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही कार्यकर्ता प्रवेश पत्रों से गायब कर देंगे ऐसा सोचा नहीं था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने खुले तौर पर यह साफ कर दिया है कि पार्टी कमल के निशान पर ही चुनाव लड़ेगी और इसके लिए मुख्यमंत्री पद का पहले से कोई उम्मीदवार नहीं होगा यानी ये चुनाव फेसलेस होगा ,जैसे यूपी चुनाव में हुआ था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जोधपुर में हुई आम सभा के लिए बनाए गए पहचान पत्रों में से पार्टी ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ का फोटो लगा हुआ दिखाई दिया।


बीजेपी ने केंद्र और राजस्थान के नेताओं की फोटो लगाई लेकिन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो गायब कर दी, अब इसे भूल कहे या जानबूझकर की गई शरारत या किसी व्यक्ति विशेष के द्वारा की गई हरकत। अगर यह भूल हुई है तो इस भूल की कीमत चुकानी पड़ेगी क्योंकि इतिहास गवाह हैं इनके लिए एक बात प्रसिद्ध हैं की ये भूलते नही।
ऐसा वाकया पहली बार नहीं हुआ है अभी कुछ दिनों पहले ही जयपुर में झालाना स्थित राजस्थान कांस्टीट्यूशन क्लब का उद्घाटन हुआ था जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर सीपी जोशी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अतिथि के रूप में थे। कार्यक्रम राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की ओर से आयोजित हुआ था जिसमे भूलवश किसी कारणों से विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी का फोटो लगाना भूल गए। समाचार पत्रों में बड़े बड़े विज्ञापन भी जारी हो गए विज्ञापन छप भी गए और विधानसभा अध्यक्ष फोटो से बाहर हो गए, विधानसभा अध्यक्ष ने इसकी नाराजगी जाहिर की तो अधिकारियो के होश छूट गए एक दूसरे की बगले झांकने लगे और अंत में एक अधिकारी को एपीओ कर गुस्सा शांत करवाया। जिसकी कीमत उस अधिकारी को चुकानी पड़ी जिसकी प्रत्यक्ष रूप से को गलती नही लेकिन वो कहावत हैं, “करे कोई,भरे कोई, मरे कोई।
लेकिन भाजपा के कार्यकर्ता प्रवेश पत्रों पर मोदी की फोटो नही लगाना समझ से परे हैं क्योंकि कि भाजपा कार्यकता कहते हैं कि मोदी हैं तो मुमकिन हैं पर यहां तो खुद मोदी को ही जगह नहीं।

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