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Saturday, March 7, 2026

राजस्थान के स्कूल शिक्षा विभाग ने बनाया एक और विश्व कीर्तिमान शिक्षा राज्य मंत्री को सौंपा वर्ल्ड रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट ‘गुड टच बैड टच‘ पर इस अभियान से बच्चे सुरक्षित और विजिलेंट होंगे- शिक्षा राज्यमंत्री नो बैग डे के तहत 26 अगस्त को प्रदेश में ‘असुरक्षित स्पर्श‘ पर एक दिन में 58 लाख से अधिक विद्यार्थियों को किया जागरूक

राजस्थान के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा गत 26 अगस्त को प्रदेश की 65 हजार 122 सरकारी स्कूलों में नो बैग डे के तहत एक ही दिन में 58 लाख से अधिक विद्यार्थियों को ‘असुरक्षित स्पर्श‘ के बारे में जागरूक करने की गतिविधि को ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स‘ में विश्व कीर्तिमान के रूप में दर्ज किया गया है।

शिक्षा राज्यमंत्री जाहिदा खान को मंगलवार को शासन सचिवालय के मंत्रालय भवन में आयोजित कार्यक्रम में इस विश्व रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट स्कूल शिक्षा विभाग के शासन सचिव नवीन जैन ने सौंपा। इस मौके पर शिक्षा राज्यमंत्री खान ने कहा प्रदेश की स्कूलों में बच्चों को सुरक्षित बनाने और इंसानियत की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण कदम है, इससे बच्चे विजिलेंट और सुरक्षित होंगे, ऐसे कार्यों की समाज को बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में प्राइवेट स्कूलों में भी यह कार्यक्रम चलाया जाएगा, वहीं पेरेंट्स को भी अवेयर करने की पहल की जाएगी। उन्होंने ‘गुड टच बैड टच‘ जैसे संवेदनशील विषय पर वृहद स्तर पर बच्चों में जागरूकता पैदा करने की मुहिम चलाते हुए विश्व कीर्तिमान बनाने पर शासन सचिव नवीन जैन और शिक्षा विभाग की पूरी टीम की मेहनत, प्रयासों और योगदान की सराहना की।शासन सचिव नवीन जैन ने बताया गत शनिवार को प्रदेश की 65 हजार 122 सरकारी स्कूलों में नो बैग डे के तहत प्रातः 8 से 12 बजे के बीच एक लाख से अधिक सेशंस में 58 लाख से अधिक बच्चों को ‘असुरक्षित स्पर्श‘ के बारे में जागरूक और प्रशिक्षित किया गया। इस एक्टिविटी को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के इंडिया एडिशन द्वारा विश्व कीर्तिमान के रूप में दर्ज किया गया है। उन्होंने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य स्तरीय, जिला स्तरीय और विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण सत्रों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए 50 जिलों में 50 वरिष्ठ अधिकारियों को पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी गई। राज्य स्तर पर 1200 मास्टर ट्रेनर्स को तैयार करने के बाद उनके माध्यम से 50 जिलों के स्कूलों से चयनित एक-एक टीचर को अपने स्कूल के बच्चों में ‘असुरक्षित स्पर्श‘ के बारे मे समझ विकसित करने के लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षित किया गया। इन प्रशिक्षित टीचर्स ने 26 अगस्त को एक ही दिन में प्रदेशभर के स्कूलों में विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करते हुए यह कीर्तिमान बनाया।

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