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Saturday, March 7, 2026

शोधित जल के विक्रय को बढ़ाने के लिए औद्योगिक इकाईयों से स्थापित हो समन्वय- प्रमुख शासन सचिव

जयपुर, 25 मई। स्वायत्त शासन विभाग के अधिकारी एवं अभियंता प्रदेश के निर्माणाधीन संयंत्रों का नियमित परीवीक्षण करें एवं साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट निदेशालय को भिजवाया जाना सुनिश्चित करें। यह कहना है स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकांत का।

स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकांत ने यह बात शनिवार को स्वायत्त शासन विभाग के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में कही। प्रमुख शासन सचिव की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में साफ-सफाई, कचरा पृथ्थीकरण, निर्माण एवं विध्वंस सामग्री प्रबन्धन, लिगेसी वेस्ट निस्तारण, तरल एवं ठोस अपशिष्ठ प्रबन्धन एवं प्रसंस्करण संयंत्रों की प्रगति के संबंध में समीक्षा की गई।

बैठक में मुख्य अभियन्ता प्रदीप कुमार गर्ग द्वारा विभागीय कार्य एवं योजनाओं की प्रगति पर आधारित प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने बताया कि नगरीय निकायों में मैटेरियल रिकवरी फेसेलिटी से पुनर्चक्रण योग्य सामग्री एवं सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट्स से शोधित जल को विक्रय कर लगभग 16 करोड़ की सालाना आय नगरीय निकायों द्वारा अर्जित की जा रही है। इस पर श्री टी. रविकांत ने अधिकारियों को प्रदेश में शोधित जल के विक्रय को बढ़ाने हेतु औद्योगिक इकाईयों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिये।

बैठक में स्वायत्त शासन विभाग से निदेशक श्याम सिंह, नगर निगम जयपुर ग्रेटर के आयुक्त रुकमणी रियार, जयपुर हैरिटेज के आयुक्त अभिषेक सुराणा, वित्तीय सलाहकार महेन्द्र मोहन, मुख्य अभियन्ता श्री प्रदीप कुमार गर्ग सहित अन्य अभियन्ताओं के साथ-साथ तकनीकी अधिकारी मौजूद रहे।

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