बेंगलुरु में सीबीआई का 16 ठिकानों पर एक साथ रेड, नेताओं के रिश्तेदारों और करीबियों के खातों में भेजा सरकारी पैसा

कर्नाटक में सीबीआई ने सोमवार को बेंगलुरु और आंध्र प्रदेश में 16 जगहों पर एक साथ रेड की है और यह एक्शन वाल्मीकि कॉरपोरेशन से सरकारी पैसे चुराकर नेताओं के रिश्तेदारों और करीबियों के खातों में भेजने के मामले में की गई है यह सरकारी संस्था, जो कर्नाटक सरकार के अधीन है जो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की एमजी रोड शाखा में अपना खाता रखती थी
बताया जहा रहा है कि यह मामला 3 जून, 2004 को दर्ज हुआ था। यूनियन बैंक के डीजीएम द्वारा शिकायत दी गई थी कि खातों में 84.63 करोड़ धोखाधड़ी, गलत तरीके से ट्रांसफर और फर्जी तरीके के दस्तावेजों से निकाले गए, ट्रांसजेक्शन का ये खेल 21 फरवरी, 2024 से 6 मई, 2024 के बीच चला था बाद में इस मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट ने भी संज्ञान लिया

अब तक 4 रिपोर्ट कोर्ट में पेश हुई
इस दौरान 16 नवंबर, 2024 को विधायक बसनगौड़ा आर. पाटिल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि सीबीआई जल्द से जल्द फाइनल रिपोर्ट पेश करे और समय-समय पर स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में दे बता दे की अब तक 4 रिपोर्ट पेश हो चुकी है और कोर्ट खुद इस मामले पर नजर रख रहा है अब माना यह जा रहा है कि इस मामले में एक्टिव होने के बाद ही एक्शन शुरू हुआ है
अभी तक की गई जांच में खुलासे
अभी तक की गई जांच में खुलासे हुए है और जांच में सामने आया है कि सिर्फ वाल्मीकि कॉरपोरेशन ही नहीं, बल्कि एसटी वेलीफेयर डिपार्टमेंट और कर्नाटक जर्मन टेक्निकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के पैसे भी तरीके से ट्रांसफर किए गए है

करोड़ों रुपये मंत्री के रिश्तेदारों के खाते में भेजे गए
मंत्री के रिश्तेदारों के खाते में भेजे गए करोड़ों रुपये
बताया जाता है कि यहां से 2.17 करोड़ रुपये बैंक ऑफ बड़ौदा, सिद्धैया रोड, बेंगलुरु से निकालकर बीच की कंपनियों जैसे M/s SKR Infrastructure और M/s Golden Establishment के जरिए M/s Dhanalaxmi Enterprises के खाते में भेजे गए. यह कंपनी मंत्री बी. नागेंद्र के करीबी नेक्कंती नगराज की है. इनमें से करीब 1.20 करोड़ रुपये मंत्री के रिश्तेदारों जैसे बहन, बहनोई और निजी सहायक के खातों में पहुंचाए गए.
इनके खातों में पहुंचे 64 लाख रुपये
जांच में सामने आया है कि इसके बाद कैनरा बैंक, विल्सन गार्डन शाखा से करीब 64 लाख रुपये निकालकर M/s Sadguru Education Trust, M/s Sadguru Solutions, फिर M/s Skillpoint Training, उसके बाद M/s Style Machine के खातों में घूमते हुए एन. रविकुमार (नेक्कंती नगराज के भाई) और एन. यशवंत चौधरी (भतीजा) तक पहुंचाएं गए हैं.
हाई कोर्ट के आदेश के CBI ने लिया एक्शन
CBI की छापेमारी और जांच से साफ हो रहा है कि सरकारी योजनाओं का पैसा नेताओं के निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया. कोर्ट भी इस मामले में सख्ती से कार्रवाई कर रही है। आने वाले समय में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.


