राजस्थान के दौसा जिले के नांगल राजावतान स्थित चूड़ियावास सरकारी स्कूल में बच्चों के पोषाहार के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, करीब 92 बच्चे फूड प्वॉइजनिंग के शिकार हुए हैं। जिला कलेक्टर देवेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि बच्चों की स्थिति सामान्य है और मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
खाने में दी गई रोटी और आलू की सब्जी
बीसीएमएचओ डॉ. मनमोहन ने बताया कि सुबह 8 बजे बच्चों को दूध दिया गया, उसके बाद आधे घंटे में रोटी और आलू की सब्जी दी गई। भोजन के कुछ समय बाद बच्चों ने पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें नांगल राजावतान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद 20 बच्चों को उच्च स्तर के इलाज के लिए रेफर किया गया।
जांच के लिए टीमें गठित
मामले की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर अस्पताल पहुंचे और बच्चों की स्थिति का जायजा लिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार स्कूल में करीब 200 बच्चों को पोषाहार दिया गया था। कलेक्टर के निर्देश पर दो जांच टीमें गठित की गई हैं, जो मामले की पूरी जांच करेंगी।
कलेक्टर का आश्वासन
फूड सेफ्टी और एजुकेशन विभाग की टीम चूड़ियावास स्कूल के लिए रवाना हो गई है। टीम पोषाहार के सैंपल का परीक्षण करेगी और बच्चों के बीमार होने की वजह का पता लगाएगी। कलेक्टर देवेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि सभी बच्चों की स्थिति सामान्य है और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।


