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Saturday, March 7, 2026

राजस्थान में एक और पेपरलीक का बड़ा खुलासा: EO-RO भर्ती परीक्षा रद्द

एक बार फिर राजस्थान लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठा पर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में EO-RO भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। आइए जानते हैं इस पूरी घटना के बारे में विस्तार से और यह भी समझते हैं कि आखिर क्यों बार-बार ऐसी घटनाएं राजस्थान में हो रही हैं।

EO-RO परीक्षा 2022 का पेपरलीक विवाद

RPSC ने 14 मई 2023 को कराई गई अधिशासी अधिकारी और राजस्व अधिकारी भर्ती परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया है। यह परीक्षा अब 23 मार्च 2025 को दोबारा आयोजित होगी। दरअसल, एसओजी की रिपोर्ट के खुलासों के बाद सामने आया कि यह परीक्षा पेपरलीक की वजह से फेल हो चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा से पहले ही कुछ अभ्यर्थियों तक पेपर पहुँच चुका था।

1.96 लाख अभ्यर्थियों के सपनों पर लगा ब्रेक

EO-RO भर्ती परीक्षा में 111 पदों के लिए कुल 1 लाख 96 हजार 483 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा के दौरान बीकानेर में हाईटेक तरीके से नकल का मामला सामने आया। इस घटना ने प्रशासन को हिलाकर रख दिया और एक बार फिर पेपरलीक के माफियाओं की सक्रियता का प्रमाण मिला।

ATS और SOG की जांच से 17 गिरफ्तारी

एसओजी की जांच में पाया गया कि पेपरलीक के इस घोटाले में कई बड़े नाम और नेटवर्क शामिल थे। एसओजी ने अब तक 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 11 अभ्यर्थी और 6 पेपरलीक माफिया शामिल हैं। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि इस पेपरलीक नेटवर्क का संबंध SI भर्ती परीक्षा के पेपरलीक से भी है। बावजूद इसके, अभी तक SI भर्ती परीक्षा पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

तुलछाराम गैंग का नेटवर्क और 30-40 लाख की कीमत

खुलासे में सामने आया है कि इस पेपरलीक में राजस्थान के खजवाना कुचेरा और नागौर के कई अभ्यर्थियों ने पैसे देकर पेपर खरीदा था। तुलछाराम कालेर और उसकी गैंग ने ब्लूटूथ के जरिये परीक्षा में नकल करवाई। इस पूरे मामले में परिवारजनों ने अपने बच्चों के चयन के लिए 30 से 40 लाख तक की रकम खर्च की।

भर्ती परीक्षा पर विवाद और प्रदर्शन

गौरतलब है कि एसीबी ने राजस्थान लोक सेवा आयोग के दो सदस्यों को इस मामले में क्लीनचिट दे दी थी। लेकिन इसके बावजूद, चयनित अभ्यर्थियों ने परिणाम जारी करने के लिए जगह-जगह प्रदर्शन किए। उन्होंने SOG, मंत्रियों और शासन सचिवों से फाइनल रिजल्ट की मांग की थी, लेकिन अब भर्ती परीक्षा ही रद्द कर दी गई है।

पेपरलीक माफिया पर सवाल, SI भर्ती पर फैसला क्यों नहीं?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बार-बार वही नेटवर्क, वही माफिया पकड़े जाने के बावजूद SI भर्ती पर अभी तक कोई फैसला क्यों नहीं लिया गया है? जबकि SI भर्ती में EO-RO भर्ती से तीन गुना ज्यादा मामले और गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

क्या यह सिर्फ EO-RO परीक्षा तक ही सीमित है?

EO-RO परीक्षा के अलावा राजस्थान में पेपरलीक और नकल के कई और मामले सामने आए हैं। बीकानेर में ही SI भर्ती परीक्षा का पेपर तुलछाराम गैंग ने लीक किया था, जिससे सैकड़ों अभ्यर्थियों तक पेपर पहुंचा। इन घटनाओं ने एक बार फिर राजस्थान में परीक्षा प्रक्रिया पर भरोसा हिलाया है।

राजस्थान में भर्ती परीक्षा पेपरलीक का सिलसिला कब थमेगा?

राजस्थान में एक के बाद एक पेपरलीक की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन द्वारा कड़े कदम उठाए जाने के बावजूद, ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। क्या राजस्थान की परीक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत है? क्या RPSC जैसी संस्थाएं माफियाओं पर लगाम कसने में विफल हो रही हैं? आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन पेपरलीक घटनाओं को रोकने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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