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Saturday, March 7, 2026

राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट-2024) के सफल आयोजन के लिए समस्त व्यवस्थाएं हो सुनिश्चित

जिला स्तरीय परीक्षा संचालन समिति की बैठक में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने दिये निर्देश

परीक्षा की सुचिता एवं पारदर्शिता के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

नकल एवं पेपर लीक को रोकने के लिए हर संभव प्रयास सुनिश्चित करें अधिकारी

राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों के उपयोग की रोकथाम) अधिनियम के तहत होगी कड़ी कार्रवाई

जयपुर, 17 फरवरी। आगामी 27 एवं 28 फरवरी को आयोजित होने वाली राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट-2024) के सफल आयोजन के लिए जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई जिला स्तरीय परीक्षा संचालन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने परीक्षा के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों की अनुपालना में अधिकारियों को परीक्षा के आयोजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की सख्त हिदायत दी गई है। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को नकल एवं पेपर लीक को रोकने के लिए संभव प्रयास सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया है।

पुलिस अधिकारियों को भर्ती परीक्षा में किसी भी प्रकार की नकल अथवा अनियमितता की सूचना पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई को अंजाम देते हुए परीक्षा का आयोजन पूर्ण सुचिता एवं पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश प्रदान किये गए। पुलिस सहित सभी सुरक्षा एजेंसियां इस दौरान सतर्क एवं मुस्तैद रहेगी एवं परीक्षा का सफल एवं सुचितापूर्ण आयोजन सुनिश्चित करेंगी।

जिला परीक्षा संचालन समिति के नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर (पूर्व) श्री गोपाल सिंह शेखावत ने जानकारी दी कि परीक्षा के आयोजन के दौरान पेपर लीक एवं नगल सहित अन्य प्रकार की विधि विरुद्ध गतिविधियों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों के उपयोग की रोकथाम) अधिनियम के कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों के उपयोग की रोकथाम) अधिनियम के यह हैं प्रावधान
राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम-2022 (2022 का अधिनियम संख्याक 6) एवं संशोधन अधिनियम 2023 (2023 का अधि. संख्याक-17) की धारा 10 (1) के अन्तर्गत 3 वर्ष का कारावास और एक लाख रूपये का जुर्माना से दण्डित किया जाएगा, जुर्माना नहीं होने पर 9 माह के कारावास से दण्डित किया जाएगा। इसी तरह धारा 10 (2) के अन्तर्गत 10 वर्ष का कारावास जो आजीवन कारावास तक का हो सकेगा और जुर्माना 10 लाख रूपये जो 10 करोड़ तक का हो सकेगा से दण्डित किया जाएगा, जुर्माना नहीं देने पर 5 वर्ष का कारावास और हो सकेगा। इस प्रकार के संगीन अपराध करने पर दोषी व्यक्तियों की सम्पत्ति की कुर्की और अधिहरण भी किया जा सकेगा।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. राजेश्वर सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर (द्वितीय) श्री आशीष कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर (चतुर्थ) श्री देवेन्द्र कुमार जैन, अतिरिक्त जिला कलक्टर (दक्षिण) श्री संतोष कुमार मीणा सहित पुलिस विभाग, जयपुर विकास प्राधिकरण, जयपुर नगर निगम, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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