33.6 C
Jaipur
Saturday, March 7, 2026

“लोकसभा अध्यक्ष ने कहा- हाड़ौती के विकास और आत्मनिर्भरता की यात्रा में सभी को बनना होगा सहभागी””पूर्व विधायक प्रभु लाल करसोलिया की मूर्ति का अनावरण, करवर में 6.92 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास”

बिरला ने स्व. करसोलिया के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज और देश की सेवा में समर्पित कर दिया। वे गरीब, वंचित और पिछड़े वर्गों के लिए संघर्ष और जनसेवा का पर्याय थे। उनका जीवन दर्शाता है कि लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी छोटे गाँव से क्यों न हो, अपनी मेहनत और ईमानदारी से नेतृत्व की ऊँचाइयों तक पहुँच सकता है।  

बिरला ने कहा कि करसोलिया ने राजनीति को जनकल्याण का माध्यम बनाया। वे सदैव जनता के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे। बिरला ने कहा कि करसोलिया  ने संसाधनों की कमी के बावजूद जनता की सेवा को अपना सर्वोच्च कर्तव्य माना और अपने अंतिम समय तक इसी संकल्प के साथ कार्य करते रहे।  

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि क्षेत्र के बुनियादी विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। पिछले वर्षों में जिन कार्यों की उपेक्षा हुई, उन्हें अब तेज़ी से पूरा किया जा रहा है। करवर की 12 पंचायतों में 180 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण कार्य जारी है। उन गाँवों को भी सड़कों से जोड़ा जाएगा, जो वर्षों से विकास से वंचित थे। क्षेत्र में बिजली तंत्र को सुदृढ़ किया जा रहा है, जिससे बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से संचालित होगी और निकट भविष्य में किसानों को दिन में भी बिजली मिल सकेगी।  

बिरला ने कहा कि सभी सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूलों, जहाँ विज्ञान विषय उपलब्ध हो, वहाँ 10 लाख रुपये की लागत से अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जाएगी। आगामी दो वर्षों में विद्यालयों में कंप्यूटर लैब और इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे गाँवों के बच्चों को भी आधुनिक तकनीक से जुड़ने का अवसर मिलेगा। मिडिल स्कूलों में भी कंप्यूटर शिक्षा को लागू करने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ब्लॉक में 60 लाख रुपये की लागत से महिला प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहाँ महिलाएँ सिलाई, कढ़ाई और अन्य स्वरोजगार प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

बिरला ने कहा कि क्षेत्र के असिंचित इलाकों को सिंचाई सुविधा देने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। हर खेत तक पानी पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे किसानों को अपनी उपज बढ़ाने में सहायता मिलेगी। साथ ही, क्षेत्र को ERCP (ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट) से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि जल समस्या का स्थायी समाधान हो।  

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि करसोलिया का सपना था कि यह क्षेत्र आत्मनिर्भर और विकसित बने। आज उनकी स्मृति में किए जा रहे विकास कार्य इसी संकल्प का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। हम सभी को मिलकर इस क्षेत्र को विकास के नए शिखर तक ले जाना है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे भी इस विकास यात्रा में सहभागी बनें और अपने गाँव, अपने क्षेत्र के उत्थान में योगदान दें। करसोलिया की मूर्ति सिर्फ़ एक प्रतिमा नहीं, बल्कि जनसेवा और संघर्ष की प्रेरणा है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव समाज सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।  

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि प्रभुलाल करसोलिया ने क्षेत्र का नेतृत्व किया और गाँव-गाँव में विकास की अलख जगाई। वे सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों के माध्यम से हमेशा समाज के बीच सक्रिय रहे। उन्होंने सामूहिक विवाहों का आयोजन कर समाज हित में अनेक उल्लेखनीय कार्य किए। अपने इन प्रयासों के कारण वे हर परिवार के दिल में बसे हुए थे और हर घर में प्रिय थे। हम सभी के मन में उनकी स्मृतियाँ सदैव जीवंत रहेंगी।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles