कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आज पर्यावरण, उद्योग और खनन विषय पर राज्य स्तरीय एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और विशिष्ट अतिथि के तौर पर उद्योग राज्य मंत्री केके विश्नोई ने शिरकत करने पहुंचे।
वहीं सेमिनार में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधि मौजूद रहें। कार्यक्रम में पर्यावरण संतुलन के साथ राज्य के औद्योगिक विकास और खनन क्षेत्र के विकास पर विचार-विमर्श किया गया। उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि इस मार्ट का आयोजन लघु उद्योग भारती, सीडॉस और रीको द्वारा किया जा रहा है। आज जो आप व्यापार कर रहे है उसे आगे और बढ़ावा टेक्नॉलाजी और स्कील डेवलमेंट के माध्यम से मिल सकता है। 2026 का स्टोन मार्ट अतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होगा। इसमें देश-विदेश के स्टोन एग्जीबिटर्स और खरीदारों को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी के अवसर पर मैं ज्वाइंट ग्रुप की घोषणा करता हूं।

मंत्री राठौड़ ने मीडिया से बातचीत में कहा, स्टोन्स के लिए राजस्थान की देश और दुनिया में अलग पहचान है। दुनियाभर में 80 फीसदी मार्बल और ग्रेनाइट राजस्थान का होता है। कई ऐसी ऐतिहासिक इमारतें हैं। जिसमें राजस्थान का पत्थर लगा है। नया संसद भवन, अक्षरधाम मंदिर, राममंदिर और राष्ट्रपति भवन में भी राजस्थान का पत्थर लगा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान का पत्थर न केवल देश में लगे, बल्कि दुनियाभर में राजस्थान के पत्थर को पहचान मिले और इस्तेमाल किए जाएं। वैल्यू एडिशन के साथ इन पत्थरों का इस्तेमाल हो, ताकि हमारे पत्थर की वैल्यू बढ़ सके।

इस तरह के आयोजनों में नए-नए विचारों का आदान-प्रदान होता है। वे बोले, आज उन्होंने एक जॉइंट वर्किंग ग्रुप की घोषणा की है। इसमें उद्योग विभाग, लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी, रीको के सदस्य, स्किल डवलपमेंट के सदस्य को जोड़कर नया स्किल डवलपमेंट का माहौल तैयार किया जाएगा। जिससे युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। इस ग्रुप में शामिल सभी लोग तीन महीने में अपनी रिपोर्ट देंगे।


