अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे को लेकर आज कोर्ट में सुनवाई टल गई है। अब अगली सुनवाई 30 अगस्त को की जाएगी। इस मामले को लेकर एडवोकेट योगेंद्र ओझा ने बताया- दरगाह दावे को लेकर आज सुनवाई होनी थी, जो न्यायिक अधिकारी के अवकाश पर होने और न्यायिक कर्मचारियों की सामूहिक अवकाश के कारण आगामी 30 अगस्त को रखी गई है।
पूर्व में प्रस्तुत प्रार्थना-पत्र दरगाह कमेटी और अल्पसंख्यक विभाग की ओर से पेश किए गए हैं। उन पर बहस होगी। आपको बता दें कि बता दें कि अजमेर ख्वाजा साहब की दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे को लेकर विष्णु गुप्ता ने याचिका दायर की थी। इसको लेकर मामले की सुनवाई चल रही है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 अगस्त को निर्धारित की गई है। इस मामले को लेकर विष्णु गुप्ता ने दरगाह में मौजूद बुलंद दरवाजे की बनावट हिंदू मंदिरों के दरवाजे की तरह है। नक्काशी को देखकर भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां पहले हिंदू मंदिर रहा होगा।


