उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल टेलर की दिनदहाड़े नृशंस हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। यह घटना सिर्फ एक जघन्य अपराध नहीं थी, बल्कि इंसानियत, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर गहरे सवाल छोड़ गई थी।
इस दर्दनाक घटना की सच्चाई को सामने लाने और कन्हैया लाल को न्याय दिलाने की मांग के साथ, निर्माता अमित जानी ने ‘उदयपुर फाइल्स’ नामक एक फिल्म बनाई है। यह फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित है और इसका निर्देशन भी खुद अमित जानी ने किया है।
रिलीज से पहले आईं कई अड़चनें
फिल्म की रिलीज़ को लेकर निर्माता को कई कानूनी और राजनीतिक बाधाओं का सामना करना पड़ा। कई याचिकाओं के माध्यम से इसके सर्टिफिकेशन को चुनौती दी गई, जिससे कन्हैया लाल का परिवार भी बेहद निराश था। लेकिन अब, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने इन सभी पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया है और फिल्म की रिलीज़ को पूरी तरह हरी झंडी मिल गई है।
55 कट्स के साथ रिलीज के लिए तैयार
मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने फिल्म को प्रमाणित करते समय सभी प्रक्रियाओं का पालन किया और फिल्म निर्माताओं ने 55 कट्स के साथ-साथ कई बदलाव भी किए। सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 की धारा 6(2) के हवाले से मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि फिल्म के वर्गीकरण को बदलने या उस पर रोक लगाने का कोई ठोस आधार नहीं है।
अब 8 अगस्त को होगी देशभर में रिलीज
फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ अब 8 अगस्त यानी कल देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। जैसे ही रिलीज़ डेट सामने आने के बाद, कन्हैया लाल के बेटे यश साहू ने भावुक प्रतिक्रिया दी। उनहोंने कहा कि“8 अगस्त को पूरा देश देखेगा कि मेरे पिता के साथ क्या हुआ था। इस फिल्म में हमारे परिवार का दर्द दिखाया गया है कि मेरे पिता को किस तरह मारा गया। हम जिस लड़ाई को लड़ रहे थे, वो हम जीत गए हैं। पूरे देश को यह कहानी देखनी चाहिए।”
“इंसाफ कब मिलेगा, पता नहीं”
यश साहू ने यह भी कहा कि — “मेरे पिता का मामला आज भी वहीं अटका हुआ है। तीन साल हो गए, लेकिन उनके हत्यारों को सजा नहीं मिली है। हमें नहीं पता कि हमें इंसाफ कब मिलेगा, लेकिन कम से कम अब देश को सच्चाई तो पता चलेगी।”


