चित्तौड़गढ़ l चित्तौड़गढ़ में रविवार को विश्व आदिवासी दिवस पर इंदिरा गांधी स्टेडियम से भव्य महारैली निकाली गई और ईनानी सिटी सेंटर में जनसभा आयोजित हुई। कार्यक्रम में बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रौत, धरियावाद विधायक थावरचंद डामोर, गोपाल भील आकोड़िया सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और भील समाज के लोग शामिल हुए।
सांसद रौत ने मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार पर ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान मामले में अमेरिका के दबाव में आने का आरोप लगाया और पांच राफेल नष्ट होने पर जवाब मांगा। उन्होंने भील प्रदेश की पुरानी मांग दोहराते हुए कहा कि यदि यह बन गया होता तो समाज की स्थिति बेहतर होती।
उन्होंने बताया कि देश में 14–15 करोड़ आदिवासी हैं और प्रकृति संरक्षण में उनका अहम योगदान है, लेकिन प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ने शुभकामनाएं तक नहीं दीं। उन्होंने राजस्थान सरकार पर बजट जारी करने के बावजूद आयोजन न करने का आरोप भी लगाया। रौत ने कहा कि चित्तौड़गढ़ का इतिहास गौरवशाली है, लेकिन यहां का भील समाज अब भी पिछड़ा है और सरकार व जनप्रतिनिधि उनकी अनदेखी कर रहे हैं।
उन्होंने भील प्रदेश की पुरानी मांग को फिर से उठाया और कहा कि यदि यह मांग पूरी हो जाती तो आदिवासी समाज की सामाजिक-आर्थिक स्थिति आज कहीं बेहतर होती। राजकुमार रोत ने कहा कि देश में करीब 14-15 करोड़ आदिवासी आबादी है, जो प्रकृति संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देती है। इसके बावजूद, प्रधानमंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री ने विश्व आदिवासी दिवस पर शुभकामनाएं तक नहीं दीं।


