33.6 C
Jaipur
Saturday, March 7, 2026

राजस्थान में पहली नस्ल सुधार लैब शुरू, 75% सस्ती डोज से बढ़ेगा दूध उत्पादन

राजस्थान के किसान को डबल इंजन सरकार होने का जबरदस्त फायदा मिलने लगा क्योंकि केंद्र के साथ मिलकर राज्य की भजनलाल सरकार उनकी आमदनी को बढ़ाने के लिए नए-नए तरीके ईजाद करने में लगी है। इसी कड़ी में अब भजनलाल सरकार ने प्रदेश के किसानों और पशुपालकों की आमदनी को बढ़ाने के लिए जयपुर जिले के बस्सी में प्रदेश की पहली सैक्स सोर्टेड सीमन लैब स्थापित कर दी जो अब प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पंख लगाने का काम करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी यही सपना है कि देश का किसान-पशुपालक अच्छी आमदनी अर्जित करें और इस दिशा में राजस्थान तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश की पहली सीमन लैब की मदद से अब राजस्थान में हर साल 10 लाख डोज़ सीमेन का उत्पादन किया जाएगा।

इस लैब को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, आणंद के सहयोग से आरसीडीएफ के बस्सी स्थित फ्रोजन सीमेन बैंक में लगाया गया जिसमें अब तय होगा कि पशुपालन की गुणवत्ता कैसे बढ़ाई जाये, नस्लों को कैसे सुधारा जाए और दूध का उत्पादन अधिक से अधिक कैसे बढ़ाया जाए। लैब के जरिये यह सुनिश्चित करना आसान होगा कि राजस्थान के पशुपालक को अच्छी क्वालिटी का सीमेन समय पर और सही दाम पर मिल जाये। सभी जानते है कि भारत में दुनिया के सबसे अधिक पशु है और ये मीथेन गैस उत्सर्जित करते हैं जिसे कम करने के लिए काम किया जा रहा है। यही कारण है कि गोबर फर्टिलाइजर से फ्यूल बनाकर गोबर की वैल्यूएशन बढ़ाने में सफलता मिल चुकी है और इससे पशु पालने वालों की इनकम में भी जबदरस्त इजाफा हुआ।

राजस्थान सरकार के सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड, पशुधन विकास बोर्ड और एनडीडीबी डेयरी सर्विसेज के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए है जिसके तहत अब बस्सी सीमेन स्टेशन का संचालन और प्रबंधन किया जाएगा। यह समझौता ख़ास रहेगा क्योंकि इसकी मदद से प्रदेश में पशु कृत्रिम गर्भाधान के लिए पारंपरिक और सेक्स-सॉर्टेड सीमेन डोज का उत्पादन और आपूर्ति को बढ़ाया जा सकेगा। फिलहाल इस स्टेशन के प्रबंधन की जिम्मेदारी अगले 10 सालो के लिए एनडीएस को दी गई है जिसे आपस में सहमति बनाकर बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा स्टेशन से जो भी लाभ मिलेगा वो आरसीडीएफ और एनडीएस के बीच आधा-आधा बांट दिया जाएगा। साथ ही सीमेन की कीमत भी तय हो चुकी है जिसमें सेक्स-सॉर्टेड सीमेन के लिए ₹239 प्रति डोज, स्वदेशी पारंपरिक सीमेन के लिए ₹22 तथा आयातित नस्ल के सीमेन के लिए ₹30 प्रति डोज रहेगी। एक्स्ट्रा डोज को बाजार में बेचा जा सकेगा।

सीमेन की ब्रांडिंग को सरस ब्रांड के तहत देशभर में किया जायेगा। सरकार की इस पहल से 90 प्रतिशत बछड़ियों का जन्म सुनिश्चित होगा और दूध उत्पादन के क्षेत्र में क्रांति आएगी। इन सबके अलावा प्रदेश में ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में गोवर्धन योजना को बेहतर तरीके से लागू किया जा रहा है जिसमें किसानों से गोबर खरीद कर बायोगैस एवं फर्टिलाइजर बनाकर इसका उपयोग पेट्रोल पंप के माध्यम से फ्यूल के लिए किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड ने बांसवाड़ा में डेयरी प्लांट लगाने के लिए 8 करोड़ रुपए के ऋण की स्वीकृति भी दे दी है जो भविष्य की दिशा में काफी बड़ा कदम रहेगा।

बस्सी में खुले इस फ्रोजन सीमन बैंक में मॉर्डन लैब बनाई गई है और अमेरिका से मंगाई गई दो हाईटेक मशीनें भी लगी है। इसके बाद देश में राजस्थान दूसरा ऐसा राज्य बन चुका है जहां नई टेक्नोलॉजी की मदद से सीमन डोज को प्रोसेस किया जाएगा, इससे पहले यह तकनीक गुजरात में लागू की गई थी। राज्य सरकार का कहना है कि यह लैब राजस्थान की डेयरी इंडस्ट्री के लिए मील का पत्थर साबित होगी और राज्य के विकास में अहम कड़ी भी बनेगी।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles