वैश्विक पर्यावरण संरक्षण और गौ-संवर्धन के हित में काम करते हुए टीम गौमाया समय-समय पर समाज के प्रतिष्ठित लोगों को अपने साथ जोड़ रही है। इस संबंध में, गौमाया के संस्थापक डॉ. सीताराम गुप्ता ने बताया कि एक विशेष कार्यक्रम के लिए जयपुर आए संयुक्त राष्ट्र के डिजिटल डिप्लोमेट और प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान के राष्ट्रीय ब्रांड एंबेसडर, डॉ. डीपी शर्मा से जयपुर में एक विशेष मुलाकात हुई।
इस मुलाकात में उन्हें गौमाया अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि यह मिशन किस तरह एक अंतरराष्ट्रीय सोच, वैज्ञानिक विधि और सेवा का त्रियामी संगम बन चुका है। गौमाया के सह-संस्थापक श्री योगेश मित्तल और श्री राजा मुकीम ने भी उन्हें अभियान की बारीकियों से अवगत कराया। यह मुलाकात मुख्य रूप से गौमाया के मुख्य सलाहकार और राष्ट्रीय स्तर के मोटिवेशनल गुरु डॉ. पीएम भारद्वाज के माध्यम से, भारद्वाज फाउंडेशन जयपुर के “स्किल सर्च और स्किल प्रोवाइडर” अभियान के तहत हुई।
डॉ. पीएम भारद्वाज ने कहा कि गौमाया मिशन पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक मॉडल के वैज्ञानिक क्रियान्वयन पर सराहनीय काम कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि गोमय समिधा से अंतिम संस्कार करने से ग्लोबल वार्मिंग में बहुत बड़ा बदलाव आएगा।
अभियान के बारे में सुनकर डॉ. डीपी शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त की और आश्वस्त किया कि वे न केवल इस अभियान से जुड़ेंगे, बल्कि इसे विश्व स्तर पर भारतीय गौ ज्ञान, वैज्ञानिक गौ विधि और गौ मानव सेवा के त्रियामी संगम के रूप में स्थापित करने के लिए निःशुल्क सेवाएँ भी देंगे।
इस अवसर पर टीम गौमाया ने उन्हें देसी गाय के गोबर से बने कागज पर छपी दुनिया की पहली पुस्तक ‘गोमय ज्ञान सागर’ और गोमय लघु यज्ञ भेंट कर सम्मानित किया।


