राजस्थान के बाड़मेर जिले में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) जीवनलाल खत्री पर हेड कांस्टेबल रामूराम मेघवाल को ड्यूटी के दौरान थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। घटना गुरुवार रात धनाऊ इलाके में एक मामले की जांच के बाद लौटते समय चोहटन में हुई। मेघवाल, जो दलित समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, ने दावा किया कि वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करने के बावजूद मामला दबाया गया और उन्हें विभाग में अलग-थलग किया जा रहा है।
मेघवाल ने सोशल मीडिया पर ऑडियो क्लिप जारी कर कहा, “जब मैंने गालीगलौज का विरोध किया, तो डीएसपी ने गाड़ी रोककर मुझे थप्पड़ मारा। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों ने मुझे समझौते के लिए राजी किया।” वहीं डीएसपी खत्री ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि कांस्टेबल लापरवाही से गाड़ी चला रहा था और उन्होंने केवल गाड़ी रुकवाई। उन्होंने दावा किया कि मामला वरिष्ठ अधिकारियों के सामने सुलझा लिया गया और मेघवाल बाहरी प्रभाव में आकर झूठे आरोप लगा रहे हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा ने मामले की पुष्टि की और बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को जांच के लिए निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि यह घटना पुलिस के आचरण पर गंभीर सवाल उठाती है और उच्च-स्तरीय निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस सांसद उम्मेदा राम बेनीवाल ने भी घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप और मेघवाल के लिए न्याय सुनिश्चित करने का आग्रह किया।


