राजस्थान के निर्दलीय नेता नरेश मीणा इन दिनों राजधानी जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर धरना दे रहे है। उनके साथ हजारों की संख्या में समर्थक मौजूद है। मुद्दा है झालावाड़ स्कूल हादसे में मरे और घायल हुए बच्चों के पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और सम्मान दिलवाना। धरनास्थल पर पीड़ित परिवार के लोग भी नरेश मीणा के साथ मौजूद है और खुद नरेश मीणा मौन व्रत धारण कर बैठे है जिसमें वह सिर्फ 5 मिनट के लिए बोलते है। इस दौरान वह अपने साथियों के साथ आगे की रणनीति बनाते है और मीडिया से बातचीत करते है। नरेश मीणा के इस धरने में पीड़ित परिवारों के लोग सरकार द्वारा मुआवजे के रूप में दी गई बकरियों को लेकर आये है और उन्हें सरकार से वापस लेने की मांग कर रहे है। इस बीच नरेश मीणा ने एक नया क्रन्तिकारी दल बनाने का ऐलान कर दिया है जिसका नाम है ‘भगत सिंह सेना।’ नरेश ने सपष्ट कर दिया कि वह इस संगठन के बैनर तले पंचायत, जिला स्तर पर लोगों को जोड़ने का काम करेंगे। इसमें सेनापति, सेना प्रमुख जैसे पद दिए जाएंगे। नरेश मीणा आने कहा है कि संगठन का प्रारूप अगले कुछ महीनों में सामने रखा जाएगा। यहीं नहीं भगत सिंह सेना के टिकट पर छात्रसंघ चुनावों और पंचायत चुनावों में प्रत्याशी भी उतारे जाएंगे ताकि राजस्थान की सियासत में बड़ी धमक पैदा कर सके।

बीते कई दिनों से कयास लगाए जा रहे थे कि नरेश मीणा विधानसभा का चुनाव लड़ने के लिए शायद हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी का रुख करेंगे या फिर राजकुमार रोत की भारत आदिवासी पार्टी का। हालांकि समय-समय पर सचिन पायलट की तरफ उनके झुकाव के चलते नरेश का कांग्रेस में जाने की भी अटकलें लगाई जाती रही है। लेकिन अब खुद नरेश ने अपना एक संगठन बनाने की घोषणा कर इन सभी अटकलों पर फिलहाल के लिए विराम लगा दिया है। आने वाले समय में देखना दिलचस्प होगा कि नरेश की ‘भगत सिंह सेना’ प्रदेश की सियासत में क्या कुछ कमाल करती है।


