भिवाड़ी, 20 सितम्बर। बदलती वैश्विक परिस्थितियों में देश की प्रतिभाओं को भरपूर प्रोत्साहन और उचित मंच देने की जरूरत है जिससे वे तकनीक और नवाचार के बल पर यहाँ के उद्योगों के विकास के साथ बेहतर उत्पादों का निर्माण और उसे निर्यात कर देश की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान भी कर सकेंगे। ये कहना है राजस्थान सरकार के नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा का। वे आज भिवाड़ी के मेला ग्राउंड में चल रहे इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर के दूसरे दिन आयोजित भिवाड़ी गौरव सम्मान में मुख्य अतिथि के तौर पर सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे विकसित राष्ट्रों की तरक्की में भारत की उन प्रतिभाओं का भी पूरा योगदान रहा है जो किसी खास कारण से यहां से शिक्षा ग्रहण करने के बाद विदेशी धरती पर अपने करियर को बनाने के लिए गए। लेकिन बहुत से प्रतिभाशाली युवा वापस अपनी मातृभूमि पर आएं हैं और अपने प्रयासों, नवाचार और उद्यमिता से सफलता की नई कहानियां लिख रहे हैं।
खर्रा ने कहा कि बहुत से उत्पादों में भारत की विदेशों पर निर्भरता कम हुई है, जबकि रक्षा क्षेत्र में तेजस जैसे लडाकू विमान को लेने के लिए कई देशों में होड मची हुई है। और ये बदलाव डिफेंस और तकनीक में हमारी बढ़ती हुई आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग भारती प्रदेश में कौशल विकास के प्रकल्पों से हमारे उद्योगों के लिए कुशल कार्मिकों का निर्माण कर रहा है। इस अवसर पर उद्योग राज्य मंत्री केके विश्नोई ने कहा कि पहले वर्ष में सरकार ने राइजिंग राजस्थान निवेश शिखर सम्मेलन आयोजित कर साहस का परिचय दिया।उन्होंने कहा कि चार लाख करोड़ के एमओयू जमीन पर साकार भी हो गए हैं और अन्य सभी एमओयू पर काम चल रहा है। विश्नोई ने बताया कि 11 दिसंबर को सरकार अपना निवेश का रिपोर्ट कार्ड भी जनता के समक्ष रखेगी। उन्होंने कहा कि सत्तर के दशक में जब यहां उद्योगों की स्थापना शुरू हुई, तो किसी ने सोचा नहीं था कि भिवाड़ी प्रदेश का इंडस्ट्री हब भी बनेगा। विश्नोई ने कहा कि पचपदरा की आधुनिक रिफाइनरी की शुरुआत भी जल्द होने जा रही है जिसका फायदा सभी उद्यमी उठाएं। उन्होंने लघु उद्योग भारती को सरकार और उद्यमियों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु बताया जो उद्योगों के संरक्षण के लिए निरंतर सक्रिय है।

तिजारा विधायक बाबा बालकनाथ ने कहा कि राजस्थान के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी का विकास होना चाहिए। बहरोड़ विधायक जसवंत यादव ने कहा कि लघु उद्योग भारती देश में उद्योग हितैषी नीतियों के निर्माण में कार्यरत है। कामधेनु ग्रुप के सीएमडी सतीश अग्रवाल ने बताया कि भिवाड़ी की औद्योगिक विकास यात्रा में उल्लेखनीय योगदान करने वाले विशिष्ट व्यक्तित्वों को भिवाड़ी गौरव सम्मान से नवाजा गया। पीएनबी के जोनल हेड राजेश भौमिक ने बताया कि पंजाब नेशनल बैंक ने राजस्थान सरकार के साथ 21 हजार करोड़ का एमओयू साइन किया। उन्होंने पीएम विश्वकर्मा स्कीम के बारे में भी बताया। जयपुर प्रांत सचिव सुनीता शर्मा ने लघु उद्योग भारती का औपचारिक परिचय दिया। राष्ट्रीय सचिव अंजू सिंह ने आईआईएफ और स्वयंसिद्धा जैसे आयोजनों के बारे में जानकारी दी। इससे पहले आईआईएफ के कन्वीनर रामप्रकाश गर्ग ने स्वागत भाषण में भिवाड़ी गौरव सम्मान की आधारभूमि के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के प्रदेश महामंत्री सुधीर गर्ग, जयपुर प्रांत अध्यक्ष महेंद्र मिश्रा सहित उद्यमीगण उपस्थित रहे।

भिवाड़ी गौरव सम्मान से इनको नवाजा
आराध्या राव को कूड़ो में सिल्वर मेडल, राष्ट्रपति शिक्षक अवॉर्ड से सम्मानित नीलम यादव, मॉडर्न पब्लिक स्कूल के संस्थापक सतीश कुमार कौरा, आशियाना हाउसिंग ग्रुप के विशाल गुप्ता, लायंस क्लब के मृत्युंजय पांडे, रोटरी क्लब के आरसी जैन, गरीब कन्याओं का विवाह कराने वाले भारत विकास परिषद के अमित नाहटा, आईएमए भिवाड़ी फाउंडर रूप सिंह एवं सचिव मुदित मित्तल, किनाकि मेडिकल एसोसिअशन से राधेश्याम, ग्रीन रुट रिन्युअल्स से अनूप अरोरा, जय सर्जिकल लिमिटेड के पंकज कहर, महरू इलेक्ट्रिकल्स के संदीप शर्मा, साइरा इलेक्ट्रिक ऑटो के विजय कुमार कपूर, वेव्स एयरकॉन के विजयानंद, वेक्सी लिमिटेड से राजेश सोनी, बालकिशन इंडस्ट्रीज, होंडा कार्स इंडिया लिमिटेड, जगुआर, केईआई इंडस्ट्रीज के गोविंद शर्मा, पहली फाइटर पायलट शिवांशी पाठक, श्रीराम पिस्टन और ओटेकर इंडिया के जीतेन्द्र जीत सिंह को उनकी उल्लेखनीय उद्यमशीलता और उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। डिफेंस सेक्टर में एमएसएमई के लिए अपार संभावना विषयक टेक्निकल सत्र में डीआरडीओ के वैज्ञानिक संजीव कुमार ने एमएसएमई के लिए इस क्षेत्र में अपार सम्भावना के बारे में बताया।
इसी तरह ओवरव्यू ऑफ एनपीएल, टेक्नोलॉजीज अवेलेबल फॉर ट्रांसफर, रीसाइक्लिंग ऑफ वेस्ट प्लास्टिक फिर स्ट्रक्चर फॉर सोसाइटल विषयक तकनीकी सत्र में डॉ. राजीव सिंह ने बताया की देश की औद्योगिक समस्याओं का समाधान खोजने और आम जीवन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सीएसआईआर की स्थापना हुई थी। राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. सिंह ने जानकारी दी कि संस्थान ने 2016 से प्लास्टिक पॉल्यूशन पर कार्य शुरू किया। फ्लाई एश और प्लास्टिक वेस्ट को साथ लेकर बायो टॉयलेट, फुटपाथ और सड़क के लिए पैनल्स बनाने का काम किया गया।


