बारां। अंता विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने एक बार फिर अपने भरोसेमंद नेता प्रमोद जैन भाया को मैदान में उतारकर स्पष्ट संकेत दे दिया है कि पार्टी अनुभवी चेहरों पर दांव खेलने के मूड में है। वहीं, युवा नेता नरेश मीणा को टिकट न दिए जाने से वे खासे नाराज़ हैं और अब उन्होंने निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। इससे अंता सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है।
कांग्रेस ने प्रमोद जैन भाया पर फिर जताया भरोसा
कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया को अंता सीट से टिकट देकर उनके प्रति अपना भरोसा बरकरार रखा है। भाया इस सीट से लगातार पांच चुनाव लड़ चुके हैं, जिनमें से तीन बार जीत और दो बार हार उनके नाम रही है। 2023 में उन्हें भाजपा प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन पार्टी ने इस बार उन्हें फिर से मौका दिया है।
नरेश मीणा को नहीं मिला टिकट, उठाया निर्दलीय कदम
युवा नेता नरेश मीणा ने लंबे समय से अंता सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रखी थी और राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी से टिकट की औपचारिक मांग भी की थी। लेकिन पार्टी ने उनका नाम दरकिनार कर दिया। सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पहले ही मीणा को धैर्य रखने की सलाह दी थी, जिससे संकेत मिल गया था कि टिकट भाया को ही मिलेगा।
टिकट कटने से नाराज़ नरेश मीणा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी सूरत में अंता से चुनाव लड़ेंगे और भाजपा के बैनर तले नहीं, बल्कि निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरेंगे। उन्होंने घोषणा की है कि वह 14 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करेंगे।
बीजेपी की प्रत्याशी पर नजर, जल्द होगा ऐलान
भाजपा की ओर से अब तक प्रत्याशी की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन पार्टी के भीतर भी मंथन तेज है। अंता सीट भाजपा के पास पहले से है, इसलिए इस सीट को बनाए रखने के लिए भाजपा हर संभव रणनीति अपना सकती है।


