जयपुर। राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर प्रस्तावित उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। संभावित प्रत्याशी को लेकर अंदरखाने चर्चाएं जारी हैं और अगले सप्ताह टिकट की घोषणा की संभावना जताई जा रही है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 13 अक्टूबर को जयपुर दौरे ने अंता के सियासी समीकरणों को और गर्मा दिया है।
अमित शाह के दौरे के बाद फाइनल हो सकता है नाम
बीजेपी सूत्रों के अनुसार, अमित शाह के जयपुर दौरे के दौरान प्रत्याशी चयन को लेकर चर्चा की जाएगी। इसके बाद बीजेपी कोर कमेटी की बैठक बुलाकर नाम पर अंतिम मुहर लगाई जा सकती है। पार्टी के शीर्ष नेताओं – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और प्रदेश अध्यक्ष मदन दिलावर के बीच इस मुद्दे पर प्रारंभिक बातचीत हो चुकी है। हालांकि अब तक प्रदेश प्रभारी डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल से औपचारिक चर्चा नहीं हुई है।
संघ की राय भी अहम
पार्टी रणनीतिकारों के मुताबिक, संघ विचारधारा से जुड़े संगठनों की राय को भी प्रत्याशी चयन में खास महत्व दिया जा रहा है। इसके साथ यह भी देखा जा रहा है कि किस बड़े नेता की सिफारिश प्रत्याशी के चयन में प्रभावी हो सकती है। गौरतलब है कि हाड़ौती क्षेत्र में वसुंधरा राजे और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का राजनीतिक प्रभाव काफी मजबूत माना जाता है, जिससे समीकरण और जटिल हो गए हैं।
कांग्रेस ने पहले ही किया प्रत्याशी का ऐलान
दूसरी ओर कांग्रेस ने अपने पत्ते पहले ही खोल दिए हैं और पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया को अंता से प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। वहीं बीजेपी अभी अपने प्रत्याशी के नाम को लेकर असमंजस की स्थिति में है, क्योंकि पार्टी के निवर्तमान विधायक कंवरलाल मीणा चुनाव नहीं लड़ सकते।
ये नाम हैं रेस में
पार्टी सूत्रों के अनुसार, अंता सीट से पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रभुलाल सैनी भी दावेदारों में शामिल हैं, लेकिन उन्हें वसुंधरा राजे का करीबी माना जाता है और वर्तमान नेतृत्व में वे साइडलाइन माने जा रहे हैं। अन्य संभावित नामों में शामिल हैं:
- पूर्व जिला प्रमुख नंदलाल सुमन
- अंता के प्रधान मोरपाल
- पूर्व प्रधान प्रखर कौशल
- पूर्व जिला अध्यक्ष आनंद गर्ग
- रामेश्वर खंडेलवाल
- विष्णु गौतम
- पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी


