जयपुर की सोडाला निवासी मीनाक्षी शर्मा ने एक अभिनव प्रयोग के माध्यम से कश्मीर की प्रसिद्ध केसर की खेती को राजस्थान के गर्म वातावरण में संभव कर दिखाया है। उन्होंने बिना मिट्टी और पानी के अपने घर के एक कमरे में कृत्रिम रूप से कश्मीर जैसा वातावरण तैयार किया और मात्र तीन माह में केसर की खेती शुरू कर दी।
कोल्ड रूम में केसर की खेती
मीनाक्षी ने इस प्रयोग के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म से जानकारी जुटाई और कश्मीर से केसर के बीज मंगवाए। घर के एक कमरे में थर्माकोल की सीटों से कोल्ड रूम तैयार किया गया, जिसमें 2 टन की एसी और एक विंडो के माध्यम से शुद्ध हवा की व्यवस्था की गई। कमरे का तापमान दिन में 10 डिग्री और रात में 6 डिग्री सेल्सियस रखा गया। दो माह तक अंधेरे में रखने के बाद, अगस्त में बीज लगाए गए। अक्टूबर में कलियां आना शुरू हुईं और नवंबर में फूल खिलने लगे, जिनसे केसर प्राप्त होने लगा। यह प्रयोग न केवल तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह राजस्थान जैसे गर्म प्रदेश में भी कश्मीर की केसर की खेती को संभव बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मीनाक्षी ने अपने घर के एक कमरे को थर्माकोल की सीटों से कोल्ड रूम में तब्दील किया। कमरे को पूरी तरह से बंद किया गया, केवल एक खिड़की शुद्ध हवा के लिए रखी गई। इसमें 2 टन क्षमता की एयर कंडीशनर लगाई गई, जिससे तापमान को नियंत्रित किया गया। कमरे में लकड़ी की ट्रे लगाकर कश्मीर से लाए गए केसर के बीजों को रखा गया। दो महीने तक बीजों को अंधेरे में रखा गया, इस दौरान तापमान दिन में 10 डिग्री और रात को 6 डिग्री सेल्सियस रखा गया। अगस्त में बीज लगाए गए, अक्टूबर में कलियां आनी शुरू हुईं, और नवंबर में फूल खिलने लगे, जिनसे केसर की प्राप्ति शुरू हो गई।


