जयपुर। राजस्थान में सोना-चांदी केवल आभूषण नहीं, बल्कि परंपरा, प्रतिष्ठा और पूंजी का प्रतीक हैं। शादी-ब्याह और त्योहारों के मौसम में ये धातुएं हर घर की शोभा बढ़ाती हैं। इस बार धनतेरस और दिवाली से पहले सोने-चांदी के दामों में भारी उछाल ने न केवल बाजार को रौशन किया है, बल्कि आम परिवारों के लॉकर में बंद पुराने गहनों की कीमत भी दोगुनी कर दी है।
सोने-चांदी के ताज़ा दाम चौंकाने वाले
- 24 कैरेट सोना: ₹1,36,377 प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट सोना: ₹1,25,640 प्रति 10 ग्राम
- 18 कैरेट सोना: ₹1,02,797 प्रति 10 ग्राम
- चांदी (Silver): ₹172.30 प्रति ग्राम / ₹1,72,304 प्रति किलोग्राम। इतनी तेजी से बढ़े दामों ने निवेशकों के साथ-साथ घर-परिवार के लोगों को भी हैरान कर दिया है।
राजस्थान की सांस्कृतिक परंपरा और गहनों की चमक
राजस्थान में, खासकर जयपुर, जोधपुर और उदयपुर जैसे शहरों में शादियों के दौरान 20-50 ग्राम सोना और 500 ग्राम से 1 किलो तक चांदी उपहार में देना आम बात है। इस समय राज्य भर की ज्वेलरी दुकानों में ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। यदि किसी के लॉकर में 100 ग्राम सोना है, तो आज उसकी कीमत करीब ₹12.96 लाख रुपये हो चुकी है। वहीं, 2 किलो चांदी की कीमत अब ₹3.44 लाख रुपये से अधिक हो गई है।
बाजार भाव और निवेश पर लाभ
16 अक्टूबर 2025 को जयपुर में 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,16,734 प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं चांदी ₹189 प्रति ग्राम तक पहुंच गई। पिछले एक साल में सोना 25% और चांदी 40% तक बढ़ चुकी है। राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स के मुताबिक राज्य के करीब 50 लाख परिवारों के पास औसतन 200 ग्राम सोना जमा है, जिसका कुल मूल्य ₹2.58 लाख करोड़ से अधिक हो गया है। कई परिवार इस समय पुराने गहने बेचकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
त्योहारों पर सावधानी और स्मार्ट निवेश की सलाह
वित्तीय विशेषज्ञ का कहना है कि, “सोना एक सुरक्षित और दीर्घकालिक निवेश है, लेकिन इसमें भी विविधीकरण जरूरी है।” वो सलाह देते हैं कि कोई भी गहना खरीदने से पहले हॉलमार्क ज़रूर चेक करें, और भाव की तुलना कर ही निर्णय लें। बढ़ते दामों से मध्यम वर्ग पर थोड़ा बोझ जरूर बढ़ा है, लेकिन लॉकर में जमा पुराने सोने की कीमत में जो उछाल आया है, वो हर परिवार के लिए संतोष और उम्मीद की किरण बन गया है।


