जयपुर। जयपुर-जैसलमेर हाईवे पर हुए भीषण बस हादसे ने पूरे राजस्थान को शोक में डुबो दिया है। दर्जनों जिंदगियों को लील जाने वाले इस हादसे के बाद अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता पैकेज का ऐलान किया है।
दुख की घड़ी में राज्य सरकार पीड़ितों के साथ
मुख्यमंत्री ने कहा —“यह हादसा अत्यंत पीड़ादायक है और हम इस संकट की घड़ी में हर परिवार के साथ खड़े हैं। पीड़ितों को हरसंभव सहायता पहुंचाई जाएगी।”
सरकार द्वारा घोषित सहायता राशि इस प्रकार है
- मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख
- जिन परिवारों में तीन या अधिक सदस्य जान गंवा बैठे — उन्हें ₹25 लाख
- गंभीर घायलों को ₹2 लाख
- अन्य घायलों को ₹1 लाख
हादसे के बाद तेज़ हुई जांच
हादसे के तुरंत बाद परिवहन विभाग भी हरकत में आ गया है। राज्यभर में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 66 बसें जब्त की जा चुकी हैं। जोधपुर स्थित जैनम कोच क्राफ्टर में जांच जारी है। अधिकारियों को संदेह है कि हादसे में शामिल बस में बॉडी कोड मानकों का उल्लंघन हुआ था।
उच्चस्तरीय और तकनीकी जांच की शुरुआत
राज्य सरकार ने हादसे की गहराई से जांच के लिए दो स्तरों पर कार्रवाई शुरू की है
- उच्चस्तरीय समिति — जिसकी अध्यक्षता अपर परिवहन आयुक्त ओ.पी. बुनकर कर रहे हैं।
- तकनीकी जांच — पुणे की संस्थान CIRT (Central Institute of Road Transport) को जांच सौंपी गई है। उनकी टीम जैसलमेर जाकर वैज्ञानिक तरीके से जांच करेगी।
- अब तक 53 अतिरिक्त बसें सुरक्षा मानकों के उल्लंघन में पकड़ी जा चुकी हैं।
- परिवहन विभाग ने सभी बस ऑपरेटरों से सख्त चेतावनी जारी की है “सिर्फ अनुमोदित और फिटनेस पास बसें ही सड़कों पर उतरें, वरना कार्रवाई तय है।”
क्या है आगे की योजना?
सरकार का पूरा फोकस अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने, परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित बनाने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर है। मुख्यमंत्री कार्यालय और परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि लापरवाही या भ्रष्टाचार की कोई भी कड़ी सामने आई तो सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।


