जयपुर। देशभर में बच्चों में तेज़ी से बढ़ती मोटापे की समस्या अब सरकार के एजेंडे में आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही “परीक्षा पे चर्चा” और “मन की बात” जैसे कार्यक्रमों में इस विषय पर चिंता जता चुके हैं। अब पीएम पोषण योजना आयुक्तालय ने स्कूलों के भोजन को लेकर बड़ा कदम उठाया है।
संतुलित आहार की नई गाइडलाइन
पीएम पोषण योजना के तहत अब बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील में बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार की ओर से जारी नई एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि भोजन में अब निम्नलिखित खाद्य पदार्थ शामिल किए जाएंगे:
- फोर्टिफाइड चावल, गेहूं और मोटे अनाज
- हरी सब्जियां और दालें
- विटामिन A और D युक्त फोर्टिफाइड खाद्य तेल
- डबल फोर्टिफाइड नमक। इन उपायों का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक और संतुलित भोजन देना है, जिससे उनका शारीरिक विकास हो और मोटापा नियंत्रित रहे।
तेल की मात्रा में 10% की कटौती
अब तक बालवाटिका से कक्षा 8 तक के बच्चों को प्रतिदिन के भोजन में 5 से 7.5 ग्राम तेल दिया जाता था। अब इसमें 10% की कटौती की गई है। आयुक्त विश्वमोहन शर्मा ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को पत्र भेजकर निर्देश जारी किए हैं।
स्कूलों में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान
सरकार केवल भोजन सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की जीवनशैली में बदलाव लाने पर भी ध्यान दे रही है:
- स्वास्थ्य राजदूत नियुक्त किए जाएंगे
- स्वस्थ खानपान पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं होंगी
- छात्रों को योग और व्यायाम की आदत डालने के लिए प्रेरित किया जाएगा
- शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा कि वे बच्चों में मोटापे की पहचान कर सकें
- अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा कि वे बच्चों को घर पर भी कम तेल वाले व्यंजन दें।


