जैसलमेर। राजस्थान के सबसे बड़े बस हादसों में से एक जैसलमेर बस अग्निकांड मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। शुक्रवार को पुलिस ने जैन ट्रेवल्स के मालिक मनीष जैन को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे वाली बस जोधपुर की जैनम कोच क्राफ्ट्स फैक्ट्री में तैयार की गई थी, जहां निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी की गई थी।
24 यात्रियों की मौत
यह दर्दनाक हादसा 14 अक्टूबर 2025 को हुआ था। जैसलमेर से जोधपुर जा रही जैन ट्रेवल्स की एक प्राइवेट बस में अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। आग इतनी भीषण थी कि अधिकांश यात्री कुछ ही पलों में आग की चपेट में आ गए। 19 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 घायलों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। फिलहाल 10 घायल जोधपुर के अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जैनम वर्कशॉप पर सवालों की बौछार, 66 बसें सीज
जांच में खुलासा हुआ है कि हादसे की शिकार बस की बॉडी जोधपुर के मोगड़ा स्थित ‘जैनम कोच क्राफ्ट्स वर्कशॉप’ में तैयार की गई थी। फैक्ट्री संचालक मनीष जैन की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। परिवहन विभाग ने इस फैक्ट्री में बन चुकी 66 अन्य बसों को सीज कर लिया है। यह सभी बसें बिना सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बनाई जा रही थीं।
वायरिंग में खामी, ओवरसाइज़ बॉडी भी जिम्मेदार
पुलिस और फोरेंसिक टीम की जांच में यह सामने आया कि बस में इलेक्ट्रिकल वायरिंग मानकों के अनुरूप नहीं थी। तारों को सीटों के नीचे और असुरक्षित तरीके से बिछाया गया था, जिससे शॉर्ट सर्किट की संभावना बनी हुई थी। इसके अलावा, कई बस मालिकों ने नियमों को ताक पर रखकर ‘ओवरसाइज़ बॉडी’ की डिमांड की थी, ताकि ज्यादा यात्री बैठाए जा सकें। यह पूरी तरह अवैध है, और बस की संरचना को अस्थिर बना देता है।
बिना लाइसेंस के चल रही थी फैक्ट्री,
जांच में यह भी सामने आया कि जैनम कोच वर्कशॉप के पास कोई वैध सुरक्षा लाइसेंस नहीं था, फिर भी यहां बड़े पैमाने पर बस बॉडी निर्माण का काम हो रहा था। अब परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें फैक्ट्री का रिकॉर्ड, वेल्डिंग डिटेल्स और डिजाइन प्लान खंगाल रही हैं। परिसर को सील कर दिया गया है और हर बस की तकनीकी जांच जारी है।
तीन गिरफ्तार, और भी होंगे नामजद
अब तक इस मामले में तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। बस का ड्राइवर, बस मालिक तुराब अली, और अब जैन ट्रेवल्स के मालिक मनीष जैन। जांच अधिकारी ने कहा है कि यदि फैक्ट्री के तकनीकी इंजीनियरों और अन्य जिम्मेदारों की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा।


