प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए इस वर्ष की दीवाली भारतीय नौसेना के जांबाज़ जवानों के साथ मनाई। इस बार वह देश के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत पर पहुंचे और वहां से उन्होंने एक भावनात्मक लेकिन रणनीतिक संदेश देश और दुनिया को दिया। प्रधानमंत्री ने न केवल नौसेना के पराक्रम की सराहना की, बल्कि हाल ही में सफल रहे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का ज़िक्र करते हुए पाकिस्तान को स्पष्ट रूप से चेतावनी भी दी।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कुछ महीने पहले ही हमने देखा कि कैसे विक्रांत नाम से ही पूरे पाकिस्तान में दहशत फैल गई थी। ऐसी है इसकी ताकत -एक ऐसा नाम जो युद्ध शुरू होने से पहले ही दुश्मन के हौसले पस्त कर देता है। यही है INS विक्रांत की ताकत। इस अवसर पर, मैं विशेष रूप से हमारे सशस्त्र बलों को सलाम करना चाहता हूं। उन्होंने हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर का ज़िक्र करते हुए कहा कि भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति ने किस तरह दुश्मनों को पीछे हटने पर मजबूर किया। पीएम मोदी ने कहा, ‘यह सिर्फ एक युद्धपोत नहीं है, यह 21वीं सदी के भारत की प्रतिभा, संकल्प और वैश्विक प्रभाव का प्रमाण है।
आईएनएस विक्रांत ने भारत के सशस्त्र बलों की ऐसी ताकत दिखाई कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को कुछ ही दिनों में घुटने टेकने के लिए मजबूर होना पड़ा।’ प्रधानमंत्री ने इस सफलता का श्रेय सिर्फ नौसेना को नहीं, बल्कि तीनों सेनाओं के बीच रहे ‘असाधारण तालमेल’ को दिया। उन्होंने कहा, तीनों सेनाओं ने जिस अद्भुत समन्वय के साथ काम किया, उसी ने पाकिस्तान को समर्पण करने के लिए बाध्य किया। उन्होंने कहा कि हर कोई अपने परिवार के साथ दिवाली मनाना चाहता है. मुझे भी अपने परिवार के साथ दिवाली मनाने की आदत है, इसलिए मैं आप सबके बीच, जिन्हें मैं अपना परिवार मानता हूं, दिवाली मनाने आया हूं। मैं यहां अपने परिवार के साथ अच्छा समय भी बिता रहा हूं. यह दिवाली मेरे लिए वाकई खास है।


