अंता विधानसभा उपचुनाव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया की पत्नी उर्मिला जैन का नामांकन रद्द कर दिया गया है। उर्मिला ने कांग्रेस पार्टी से वैकल्पिक उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया था। हालांकि, कांग्रेस द्वारा प्रमोद भाया को आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद गुरुवार को उनका नामांकन रद्द कर दिया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दी जानकारी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि अंता में कुल 21 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए थे। उर्मिला जैन का नामांकन रद्द होने के बाद अब 20 उम्मीदवार चुनावी मैदान में रह गए हैं। अंता के रिटर्निंग अधिकारी हवाई सिंह यादव ने बताया कि उर्मिला जैन ने कांग्रेस से वैकल्पिक प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया था। चूंकि कांग्रेस ने प्रमोद जैन भाया को अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया है, इसलिए एक ही पार्टी से दो नामांकन स्वीकार्य नहीं हैं। इसी आधार पर उर्मिला का नामांकन रद्द किया गया।
निर्दलीय प्रत्याशी बन सकती थीं उर्मिला
यादव ने बताया कि उर्मिला जैन ने केवल एक प्रस्तावक के साथ नामांकन भरा था। यदि उनके पास 10 प्रस्तावक होते तो उनका नामांकन निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में स्वीकार किया जा सकता था, क्योंकि निर्दलीय उम्मीदवार के लिए 10 प्रस्तावकों की आवश्यकता होती है। नामांकन पत्रों की जांच 23 अक्टूबर को हुई थी और अब 27 अक्टूबर तक नाम वापसी की प्रक्रिया जारी रहेगी। संवीक्षा के बाद 20 उम्मीदवारों के मैदान में रहने से अंता की सियासत में नई हलचल मच गई है।
बागियों ने बढ़ाई दोनों दलों की मुश्किलें
इस उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों को अपने बागी नेताओं से चुनौती मिल रही है। कांग्रेस के बागी नरेश मीणा ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है, जबकि भाजपा के बागी पूर्व विधायक रामपाल मेघवाल भी निर्दलीय रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने मोरपाल सुमन को आधिकारिक प्रत्याशी बनाया है और पार्टी मेघवाल को मनाने की कोशिशों में जुटी हुई है।
दोनों दल दो-दो बार जीत चुके हैं अंता सीट
अंता विधानसभा सीट का गठन 2008 में परिसीमन के बाद हुआ था। तब से अब तक यहां चार चुनाव हो चुके हैं।
- कांग्रेस ने 2008 और 2018 में जीत दर्ज की
- भाजपा ने 2013 और 2023 में विजय हासिल की
पिछले चुनाव में भाजपा से जीते विधायक कंवरलाल मीणा को एक मामले में तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद जेल भेज दिया गया था। उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द हो जाने के कारण ही यह उपचुनाव कराया जा रहा है। अंता विधानसभा उपचुनाव के लिए 11 नवम्बर को मतदान होगा।


