अंतरराष्ट्रीय पुष्कर पशु मेले में इस बार मारवाड़ी नस्ल की घोड़ी नगीना सबकी निगाहों का केंद्र बनी हुई है। मात्र 31 महीने की उम्र में यह घोड़ी अब तक विभिन्न हॉर्स शो में पांच बार शो विनर रह चुकी है। इन प्रतियोगिताओं में करीब 1 लाख घोड़ों में से नगीना ने पांचवां स्थान हासिल किया है।
नगीना की शानदार कद-काठी और चाल देखकर देशभर से आए पशुप्रेमी और व्यापारी इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसके दो दांत लगने शुरू हो गए हैं और इसकी ऊँचाई 65 इंच मापी गई है। नगीना के पिता दिलबाग ऑल इंडिया फेमस घोड़े हैं, जिन्होंने शो ग्राउंड्स पर कई बार खिताब जीते हैं। उसकी वंशावली और परवरिश उसे मेले में एक खास पहचान दिला रही है।
नगीना की 55 लाख रुपए लगी पेशकश
नगीना के मालिक गोरा भाई ने बताया कि वे वर्ष 2010 से पुष्कर पशु मेले में भाग लेते आ रहे हैं और हर बार अपनी बेहतरीन नस्ल के घोड़े पेश करते हैं। इस बार वे अपने साथ 25 घोड़े मेले में लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से इस वर्ष व्यवस्थाएँ बेहद बेहतर हैं, जिससे पशु पालकों और आगंतुकों दोनों को सुविधा मिल रही है।
नगीना को लेकर अब तक 55 लाख रुपए की पेशकश की गई, लेकिन मालिक ने अपनी प्यारी घोड़ी को बेचने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि नगीना परिवार की तरह है और उसे तैयार करने में वर्षों की मेहनत लगी है।
तीन बार दाना, रोज राइडिंग—नगीना की होती है विशेष देखभाल
गोरा भाई ने बताया कि नगीना की देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाता है। उसे दिन में तीन बार दाना दिया जाता है और रोजाना उसकी राइडिंग कराई जाती है। इस घोड़ी को बचपन से ही शो राइडिंग और प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया गया है।
पुष्कर मेले में मारवाड़ी और नूगरी नस्ल के कई उम्दा घोड़े भी आए हैं, जो मेले में आने वाले पशुप्रेमियों का आकर्षण बने हुए हैं। नगीना की सुंदरता, अनुशासन और चाल ने न सिर्फ मेले की शोभा बढ़ाई है, बल्कि मारवाड़ी नस्ल की श्रेष्ठता को भी एक बार फिर सिद्ध कर दिया है।


