राजस्थान की कई पूर्व रियासतों में संपत्ति विवाद लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। ताजा मामला बीकानेर की पूर्व रियासत का है, जहां जूनागढ़ किले में स्थित मंदिर में दर्शन के दौरान दो पक्ष आमने सामने आ गए। एक पक्ष में भाजपा विधायक सिद्धि कुमारी हैं, जबकि दूसरे पक्ष से उनकी बुआ राज्यश्री कुमारी हैं।
दर्शन से पहले ही रोके गए
शुक्रवार को राज्यश्री कुमारी अपने सहयोगियों के साथ जूनागढ़ किले में स्थित मंदिर में दर्शन करने जा रही थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया। सिद्धि कुमारी के विधि सलाहकार अशोक व्यास और राज्यश्री कुमारी के वकील कमल नारायण पुरोहित भी मौके पर दस्तावेज लेकर पहुंचे। दोनों पक्षों में करीब दो घंटे तक बहस हुई, लेकिन राज्यश्री कुमारी को अंततः बिना दर्शन के वापस लौटना पड़ा।
सिद्धि कुमारी पर दबाव डालने का आरोप
राज्यश्री कुमारी का कहना है कि वे पूर्व राज परिवार की सदस्य हैं और उन्हें मंदिर में दर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा विधायक सिद्धि कुमारी के दबाव में मंदिर में प्रवेश रोक रही थी। वहीं पुलिस का कहना है कि संपत्ति विवाद और विवाद की स्थिति उत्पन्न होने के कारण उन्हें मंदिर में प्रवेश से रोका गया।
न्यायालय में विचाराधीन मामला
संपत्ति विवाद को लेकर सिद्धि कुमारी ने बीकानेर जिला न्यायालय में वाद दायर किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि करणी सिंह की वसीयत के अनुसार संपत्तियों का प्रशासन उन्हें दिया जाए और उनकी बुआ से संपत्तियों का नियंत्रण लिया जाए। वहीं, राज्यश्री कुमारी ने भी कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर किया, जिसमें सिद्धि कुमारी पर पूर्व राज परिवार की संपत्तियों को अवैध रूप से खुर्द-बुर्द करने का आरोप लगाया गया है। फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है।


