राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुधवार को एक भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब जैसलमेर निवासी एक दिव्यांग व्यक्ति अपनी पत्नी के ट्रांसफर की फरियाद लेकर मुख्यमंत्री आवास पहुंचा। व्यक्ति ने बताया कि उसकी पत्नी भी दिव्यांग है और बतौर ग्रेड थर्ड टीचर पिछले साढ़े 6 साल से बांसवाड़ा जिले में पदस्थापित है।
पहली ही जॉइनिंग से बांसवाड़ा में तैनाती
दिव्यांग शिक्षक की पत्नी ने जॉब शुरू करने के बाद से ही बांसवाड़ा जिले में सेवाएं दी हैं। फिलहाल वह बोरखेड़ा सेमलिया स्थित सरकारी विद्यालय में नियुक्त हैं। 6 साल से अधिक समय तक लगातार घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहने की मजबूरी का असर अब परिवार की छोटी बच्ची पर भी पड़ रहा है।
13 महीने की बच्ची मां के पास रहती है
दंपत्ती की 13 महीने की बेटी वर्तमान में जैसलमेर में मां के पास रहती है।
दिव्यांग दंपती ने लगाई संवैधानिक व मानवीय आधार पर गुहार
दिव्यांग पति ने बताया कि दोनो ही दिव्यांग होने के कारण परिवार को रोजमर्रा की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पत्नी का दूरस्थ जिले में पोस्टेड होना और बार-बार उनके पास आना अत्यंत मुश्किल हो जाता है। उन्होंने सरकार से पत्नी का जैसलमेर जिले में ट्रांसफर करने की मांग की है।
सरकार से उम्मीद—‘हमारी मजबूरी को समझे प्रशासन’
दंपती ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग उनकी स्थिति को समझते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ ट्रांसफर की मांग नहीं है, बल्कि एक परिवार को बचाने की अपील है।


