35.6 C
Jaipur
Sunday, March 8, 2026

66 हजार करोड़ के खान घोटाले सहित, जल जीवन मिशन, आईटी घोटाला, वैभव गहलोत के होटल इंडस्ट्री में घोटाला और यूडीएच घोटालों का खुलासा किया

जयपुर। भाजपा प्रदेश कार्यालय में रविवार को राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने प्रेसवार्ता कर प्रदेश कांग्रेस सरकार पर हजारों करोड़ के भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के राज में 66 हजार करोड़ से ज्यादा का खान घोटाला जिसमें 27 हजार करोड का खनिज घोटाला, 20 हजार करोड़ का बजरी घोटाला, 10,800 करोड़ का अरावली हिल्स घोटाला, 2500 करोड़ का हिंदुस्तान जिंक घोटाला, 2400 करोड़ का जिंदल कोयला घोटाला,2000 करोड़ का जीआरसीसी घोटाला, 1000 करोड़ का सीमेंट घोटाला, 1000 करोड़ का एमनेस्टी घोटाला और 200 करोड़ का घोटाला शामिल है। इसके अलावा जल जीवन मिशन घोटाला, आईटी घोटाला, सीएम के पुत्र वैभव गहलोत का होटल इंडस्ट्री में मोरिशिस के रास्ते काले धन को सफेद करना, यूडीएच घोटाले सहित कई घोटालों में प्रदेश के मंत्री, ब्यूरोक्रेट और विधायकों के शामिल होने का आरोप लगाया। इस दौरान उन्होने कैबिनेट मंत्री महेश जोशी पर तंज कसते हुए कहा कि वो मान हानि का दावा करने के लिए मेरी तरफ से स्वतंत्र हैं। मैं मीडिया के माध्यम से कहता हूं कि मैं कई महीनों से मान हानि के नोटिस का इंतजार कर रहा हूं।

डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि एक और खुलासा हमने डीओआईटी को लेकर किया था। जिसमें लगातार हमे बहुत सारे सबूत मिलते जा रहे है लगभग साढ़े पाँच किलो सोना,06 करोड़ रुपये नकद और बहुत सारे अहम दस्तावेज बरामद हुए है। इसमें कई बड़े प्रशासनिक अधिकारी, मंत्रियों और सीमएओ की मिलीभगत है। इस संबंध में हमारी ओर से ईडी को सभी दस्तावेज देकर इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में ईडी की जांच जब आगे बढ़ेगी तो इसमें मुख्यमंत्री और उनके नजदीकी अधिकारियों का नाम भी सामने आएगा। अभी और बहुत सारी ऐसी कंपनियां हैं जिनके फर्जीवाड़ों, अधिकारियों के द्वारा भारी गड़बड़ियों और पब्लिक के पैसे की बंदरबांट की जानकारी हमने ईडी को दे दी है।

डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि राजकॉम के पॉश मशीन के वितरण में काफी घोटाले हुए है जिनमे फर्जी दस्तावेजों से टेन्डर लेना और फर्जी कंपनियों को भुगतान करना शामिल है। इसी सिलसिले में एक दस्तावेज हमने ईडी को दिया है, जिसमें एक अतिरिक्त निदेशक आरसी शर्मा जो अब रिटायर्ड हो चुके हैं, इस अधिकारी ने 2020 की फ़ाइलों पर व्हाईटनर लगाकर 2022 कर दिया और लिंकवेल कंपनी को करोड़ों का भुगतान करा लिया। जबकि उक्त कंपनी को आवंटित कार्य 2020 में ही पूर्ण हो चुके थे। इस संबंध में सरकार को जानकारी देने के बावजूद भी उस अधिकारी के खिलाफ गहलोत सरकार ने कोई आपराधिक कार्यवाही नहीं की। हैरानी की बात तो ये है कि आरसी शर्मा को पेंशन के पूरे लाभ भी दिये गए। यही अधिकारी अब भी इन्ही कंपनियों में सलाहकार बनकर डीओआईटी में दलाली कर रहा है। मेरी सरकार से मांग है कि आरसी शर्मा को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और लिंकवेल कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके एसीबी को जांच सौंपी जाए, और मेरा ईडी से भी निवेदन है कि इस मामले में त्वरित कार्यवाही की जाए।

डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि कुछ महीनों पहले डीओआईटी में आधार कार्ड विभाग में रिश्वतखोरी के सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी। उस वक्त हमने राज्य सरकार से 17 मामलों में अभियोजन स्वीकृति के लिए कहा था लेकिन सरकार ने महज चार मामलों में ही अभियोजन स्वीकृति दी थी। राजकॉम इनफो सर्विसेज लिमिटेड में 06 अगस्त 2017 में भामाशाह डिजिटल पेमेंट किट के लिए एक टेंडर निकला था इन भामाशाह डिजिटल किट में टैब, फिंगर प्रिंट स्कैनर आदि मशीनो का सेट खरीदा जाना था। इस टेेंडर के जरिये राजकॉम कंपनी को कुल 8592 किट खरीदनी थी। जिनकी कुल कीमत लगभग 29 करोड़ रूपये है। सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जब हमने जानकारी ली तो पता चला कि केवल 4964 मशीनें ही खरीदी गई और भुगतान 8592 मशीनों का उठा लिया गया। 29 मार्च 2019 के दिन मात्र 4964 मशीन ही प्रदेश में कार्यरत पाई गई। इसमें हैरानी की बात तो यह है कि मई 2019 के बाद से इन मशीनों में से एक भी मशीन काम में नहीं है। मशीन कहा गई उसकी कोई जानकारी किसी को नहीं है, इस मामले में मुख्य अधिकारी हंसराज यादव, सीताराम स्वरूप और रणवीर सिंह है। इन्ही अधिकारियों ने करीब 100 करोड़ रुपये के घोटाले विभिन्न प्रोजेक्टों में किए हैं। जिसमें मैर्सस अतिशय लिमिटेड के साथ ऑथेंटिकेशन इंजन, आधार की वेबसाईट, माइक्रो एटीएम मशीन आदि के प्रोजेक्ट शामिल है।

डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि कुछ मामले जो की आज में केवल संक्षेप में बता रहा हू जैसे राजनेट प्रोजेक्ट में एक अधिकारी जिसने इन मशीनों की ऑडिट के नाम पर एक फर्म को 15 करोड़ रुपये दे दिए। जो मशीन लगी ही नहीं केवल इन्होंने हर तरह से पैसे की लूट पर अपना फोकस रखा है। इस मामले में नया खुलासा ये हुआ है कि राजनेट के अभियंताओं को समय पर सैलरी नहीं मिल रही और सीपी सिंह ने सीपी सिंह ने सोडाला में एक कॉम्पलेक्स में एक साथ तीन फ्लेट खरीदे हैं प्रत्येक फ्लेट की कीमत साढे, चार करोड़ है। इस प्रकार कुल कीमत साढ़े तेरह करोड़ हुई। एक फ्लेट खुद सीपी सिंह के नाम है, एक उसकी पत्नी के नाम है और तीसरा उसके बेटे हर्षवर्धन सिंह के नाम है। इन फ्लेटस की रजिस्टरी 15 अक्टूबर 2022 के आस पास की है। इसके अलावा सीपी सिंह का एक फ्लेट मुंबई में है, सीपी सिंह ने अपनी पत्नी के नाम अभी हाल ही में गाजियाबाद में एक प्रोपर्टी खरीदी है। दिल्ली रोड़ पर सीपी सिंह की कोई बहुत बड़ी प्रोपर्टी है जिसका मैं निकट भविष्य में खुलासा करूंगा है। सीपी सिंह के माता पिता के नाम बहुत बड़ी प्रोपर्टी बतायी गयी है। सीपी सिंह ने हाल ही में एक डिफेंडर कार खरीदी है जिसकी कीमत करीब डेढ़ करोड़ रूपये है एवं तीस-तीस चालीस – चालीस लाख की कई बाइक है।

डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि गहलोत सरकार में बेशुमार धन कमाने वाले इन अफसरों के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं होती इसलिए में ईडी से मांग करता हूं कि सीपी सिंह के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कार्मिक विभाग की वित्तीय सलाहकार ज्योति भारद्वाज द्वारा स्वयं के नाम पर 15 फ्लैट एवं पुत्र के नाम 11 फ्लैट विगत 4 एवं 5 मार्च 2022 को दो दिन में ही करोड़ों की राशि से खरीद लिए जो समाचार पत्रों में प्रकाशित भी हुआ है। इसकी जानकारी हमने करीब महिने भर पहले ईडी को दे दी थी। जल जीवन मिशन में अब तक 10 किलो से ज्यादा सोना और करोड़ों का काला धन मिल चुका है। जिसमें और गणपती ट्यूबवेल और श्याम ट्यूबवेल के फर्जीवाड़ों के बारे में हमने खुलासा किया, वो भी पूरा सत्य साबित हुआ है। और बहुत सारी फर्म है जैसे मांगीलाल बिश्नोई, विष्णु प्रकाश पुनगोलिया, जीआर इन्फ्रा आदि बहुत सी फर्म है जिन्होंने सैंकड़ों करोड़ के काम गणपती और श्याम ट्यूबवेल के तर्ज पर फर्जी दस्तावेजों से लिए है, जिसके बारे में बहुत जल्दी आपके सामने बहुत सारे और खुलासे करेंगे ।

डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि सिचाई विभाग, यूडीएच और सूक्ष्म ऊर्जा में भी करीबन 20000 हजार करोड़ का घोटाला है जो की में अगली पत्रकार वार्ता में खुलासा करूंगा खुद को गाँधीवादी मुख्यमंत्री कहने वाले अशोक गहलोत से मैं मांग करता हूं कि जल जीवन मिशन में उजागर किए गए घोटाले, खान घोटाले और वैैभव गहलोत के होटल इंडस्ट्री के घोटालों में अर्जित काले धन के संबंध में अपने पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही कराएंगे तो हम मानेंगे कि सीएम गहलोत भ्रष्टाचार में जीरो टोलरेंस की बात करते हैं। इन सभी मामलों में यदि कार्रवाई नहीं हुई तो हम पूरे राज्य में आंदोलन करेंगे।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles