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Sunday, March 8, 2026

मुस्लिम बाहुल्य विधानसभा सीटों पर संघ लेगा अपने हाथो में कमान

दिव्य गौड़, जयपुर।

विधानसभा चुनाव के नज़दीक आने के साथ ही चुनावी बिगुल बजने की तैयारी में है। इसके साथ ही अल्पसंख्यक सीटो पर बीजेपी ने संघ के साथ गहन बैठक कर इन सीटों पर चुनाव जीतने की रणनीति बनाई हैं। इसके साथ ही संघ ने इन विधानसभा चुनाव में बीजेपी को चुनाव जीतने की कमर कसने की तैयारी कर ली हैं।

अब संघ ने ये जिम्मेदारी ली हैं कि जिन सीटों पर बीजेपी के प्रत्याशियों की हालत खराब हैं वहा संघ अपनी रणनीति बनाकर कांग्रेस के अभेद गढ़ को तोड़ेगा,साथ ही हिंदुत्व का प्रचार और संघ की सहायक इकाइयों को एक्टिव करेगा, और बीजेपी में पार्टी को संजीवनी देने के साथ साथ जोश और जीत का मंत्र देने का काम कर रही हैं।

साफ शब्दों में कहे तो अब संघ अल्पसंख्यक सीटों पर बीजेपी को जीतने की जिम्मेदारी खुद ले रहा हैं।सूत्रों के अनुसार इसके लिए दिल्ली में और जयपुर स्तर पर बड़ी गहनता के साथ बैठक में विचार विमर्श हुआ हैं ओर इसके बाद ही संघ ने ये जिम्मेदारी ली हैं। इसकी रूपरेखा के अनुसार संघ ने अंदरखामे अपना काम करना शुरू भी कर दिया हैं और इस संबंध में अपना कार्यक्रम बनाकर लोगो के बीच जाना और वहा का माहौल भाप कर रिपोर्ट संघ के उच्च पदाधिकारियों के देना शुरू कर दिया हैं।

आज के राजनीतिक हालातो को देखते हुए दोनो ही पार्टियों के लिए चुनाव जीतना मुश्किल सा दिख रहा हैं। इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी के तमाम उच्च स्तर के नेता और मंत्रियों ने राजस्थान का दौरा करना शुरू कर दिया हैं।

जहा आज की स्थिति में दोनो पार्टी के अंदर एक बड़ा असंतोष और गुटबाजिया देखी जा रही हैं दोनो ही पार्टियों के लिए इसे संतुलित कर चुनाव लड़ना एक बड़ी चुनौती से कम नही है।ये एक बड़ी चुनौती दोनो ही पार्टियों के लिए सिर दर्द से कम नही हैं। जिसकी दवाई बीजेपी तो संघ के रूप में ले रही हैं ।

बीजेपी ने प्रकाश चंद को राजस्थान की जिम्मेदारी दी हैं ।कहा जाता हैं बीजेपी और संघ ने इनका चुनाव पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को कंट्रोल करने के लिए किया हैं । 2003 के बाद प्रकाश चंद का राजस्थान की राजनीति में सीधा दखल नहीं रहा उन्हें लघु उद्योग भारती की जिम्मेदारी दी गई थी। बताया ये भी जाता है कि वसुंधरा राजे और प्रकाश चंद एक दूसरे के धुर विरोधी हैं ओर दोनो के भाव एक दूसरे के साथ नही बैठते। राजस्थान में इन्हे वसुंधरा राजे के दखल को का कम करने के साथ साथ दूसरा विकल्प तैयार करने के लिए भेजा गया हैं ।

30 से ज्यादा अल्पसंख्यक बाहुल्य सीटे है जिन पर संघ ने अपनी गतिविधियां तेज कर चुनावी रणनीति बनाकर काम कर रहा है। इन अल्पसंख्यक सीटों में जयपुर में हवा महल, किशनपोल, आदर्श नगर, सिविल लाइन, सीकर में सीकर, लक्ष्मणगढ, फतेहपुर, झुंझुनू में झुंझुनू, मंडावा, जोधपुर में सरदारपुरा, जैसलमेर ने पोकरण, बाड़मेर में शिव और चौहटन, बीकानेर में बीकानेर दक्षिण, खाजूवाला, अजमेर में पुष्कर और मसूदा टोंक में टोंक, कोटा में कोटा उत्तर , नागौर में नागौर शहर, मकराना, डीडवाना, भरतपुर में नगर,कामा, अलवर में तिजारा, किशनगढ़ बास, अलवर ग्रामीण, रामगढ़, सवाई माधोपुर में सवाई माधोपुर विधानसभा सीट अल्पसंख्यक बाहुल्य सीटें हैं यहां संघ की सक्रियता अन्य सीटों के मुकाबले कई गुणा तेजी से बढ़ गई है।

इन विधानसभाओं क्षेत्र में महिला संघनिष्ट कार्यकर्ता यानी दुर्गा वाहिनी को को भी जल्दी कार्य योजना के अनुसार एक्टिव किया जाएगा। हिंदू जागरण मंच, विश्व हिंदू परिषद,सेवा भारती की ने इकाईयां और संघ के अन्य प्रकल्प तय कार्यक्रम के साथ भाग, मण्डल, वार्ड और विधानसभा स्तर पर जायेंगे। अभी इसकी कार्ययोजना लगभग पूरी तरह से तैयार नहीं हो गई है। क्षेत्रों में संस्कार केंद्र भी तैयार करने की योजना बनाई जा रही है। दुर्गा वाहिनी अपने क्षेत्र की महिलाओं से संपर्क कर राष्ट्रवाद हिंदुत्व के प्रति उनकी सोच को सकारात्मक विश्वा में बदलने और बीजेपी को बहुमत की दिशा में बढ़ाने पर कार्य करेगी।अल्पसंख्यक बाहुल्य लिए सीटों पर संघ की ओर से खास रणनीति बनाई जा रही है।

प्रदेश स्तर पर पांच बड़े संघनिष्ट स्तर के नेताओं को कॉर्डिनेशन का जिम्मा दिया जा चुका है। जिसके तहत हर विधानसभा बाद इसकी रुपरेखा और रणनीति तैयार की जा रही है। इसकी अंतर्गत इन अल्पसंख्यक बाहुल्य विधानसभा सीटों को जीतने का पूरा दारमदार भाजपा ने संघ को दे दिया हैं। यहां भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने तीन से पांच नामों के पैनल बनाए है। लेकिन पैनल से प्रत्याशी फाइनल करने की प्राथमिकता संघ ने अपने पास रखी है। संघ की अनुशंसा के बाद ही भाजपा उस पर मोहर लगाएंगी। राष्ट्रीय लघु उद्योग भारती के सचिव प्रकाश चंद सहित अन्य नेताओं से दिल्ली और जयपुर से एक फीडबैक भी लिया जा चुका है भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर के अलावा केंद्रीय स्तर पर राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी एल संतोष इसे लेकर संघ नेताओं के संपर्क में हैं।

सूत्रों के अनुसार मिली जानकारी के आधार पर बात करें तो संघनिष्ट समन्वय बैठकों में तय एजेंडो के मुताबिक इन सभी क्षेत्रों में सभाएं कार्यक्रम और स्थानीय लोगों को राष्ट्रवादी सोच के साथ जोड़ने के लिए काम करने के लिए कह दिया गया है उनकी क्षेत्र में मतदाता सूची के साथ काम कर अंतिम स्तर तक संपर्क करने के लिए और नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जुड़वाने का काम भी करेंगे। साथ ही शाम को सामूहिक आरती भजन और अन्य धार्मिक और सामाजिक आयोजन कर लोगो के बीच जाने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। साथ ही सुबह लगने वाली शाखा लगाने की संख्या बढ़ाने पर भी बोला गया है और क्षेत्रों में बड़े कार्यक्रम आयोजित कर रूपरेखा तैयार कर ली गई है।

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