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Sunday, March 8, 2026

प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए राज्यपाल से दखल की मांग, गृहमंत्री पद से इस्तीफा दें गहलोतः- राजेन्द्र सिंह राठौड़

जयपुर। प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते बेतहाशा अपराध के खिलाफ सरकार की ओर से सख्त कार्यवाही की मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ के नेतृत्व में भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों, सांसदो और विधायकों ने रविवार को राज्यपाल कलराज मिश्र को ज्ञापन सौंपा।
भाजपा प्रदेश कार्यालय से एकत्रित होकर सभी भाजपा नेता राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि पिछले 48 घंटे के अंदर राजस्थान में 13 अलग-अलग स्थानों पर महिला अत्याचार और दुष्कर्म की घटनाएं हुई है, हर 48 घंटे में प्रदेश के किसी ना किसी कोने में महिला उत्पीड़न की लोमहर्षक घटना घटित हुई है। पीपलखूंट के अंदर दो पढ़ने वाली बच्चियों को बदमाशों द्वारा प्रताड़ित किया गया इससे परेशान होकर दो बार पुलिस को शिकायत दी गई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे तंग आकर दोनों बच्चियों ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि राजस्थान के अंदर महिलाओं के साथ हो रहे अपराधों की बाढ़ आ गई है। अपराध कारित करने के बाद अपराधी पुलिस की गिरफ्त में आते नहीं, और जो गिरफ्तार हो जाते हैं उनका चालान प्रस्तुत नहीं होता। एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच लंबे समय तक विचाराधीन रहती है, प्रदेश में कुल जितने अपराध कारित हुए है उसमें से मात्र 6 महीने में 33 प्रतिषत मामलों में चालान प्रस्तुत हुआ है। मुख्यमंत्री खुद प्रदेश के गृहमंत्री है, इसलिए आज हमने संवैधानिक प्रमुख राज्यपाल कलराज मिश्र को ज्ञापन देकर गृहमंत्री से त्यागपत्र देने की मांग की है। आज प्रदेश के अंदर कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है, राजस्थान का आम व्यक्ति खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। हमने राज्यपाल कलराज मिश्र से मिलकर दखल देने की मांग की है। इस दौरान उन्होने हमें आष्वासन दिया है कि राज्य के कानून महकमे के आला अधिकारियों पुलिस कमिश्नर और डीजीपी से इस संबंध में तथ्यात्मक रिपोर्ट लेंगे।
नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि प्रदेश की लचर कानून व्यवस्था से त्रस्त होकर महामहिम राज्यपाल का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। इन सभी बातों को लेकर हम जनता के बीच में जाएंगे, आचार संहिता से कुछ घंटे पहले मुख्यमंत्री गहलोत ताबड़तोड़ बोर्ड बनाने की घोषणा कर रहे हैं। इसके अलावा वे नए जिले बनाने की घोषणा कर रहे हैं, जिन चीजों को वह आगे कर नहीं सकते उसके बारे में बात कर रहे हैं। वोट बैंक के लिए वे जनगणना कराने की बात कर रहे हैं, परंतु अभी तक पीपलखूंट की घटना पर सरकार का कोई भी नुमाइन्दा नहीं बोला। इस तरह की घटनाएं सरकार के माथे पर बदनुमा दाग हैं, और इन्हीं बातों को लेकर राज भवन के बाद जन भवन में रहने वाली जनता के पास जाएंगे और राजस्थान सरकार के चेहरे पर जो नकाब है उसे हटाएंगे।
ज्ञापन देने वाले भाजपा नेताओं में राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, सांसद एंव प्रदेष महामंत्री दिया कुमारी, भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता एंव सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़, रामचरण बोहरा, राष्ट्रीय मंत्री डॉ. अल्का सिंह गुर्जर, चुनाव प्रबंधन समिति संयोजक नारायण पंचारिया, विधायक अशोक लाहोटी, नरपत सिंह राजवी, कालीचरण सर्राफ, महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर, जिला प्रमुख रमा चौपड़ा, भाजपा प्रदेष उपाध्यक्ष सरदार अजयपाल, महिला मोर्चा प्रदेषाध्यक्ष डॉ. रक्षा भंडारी, प्रदेष प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज, प्रदेष कार्यसमिति सदस्य मोहन मारवाल और महिला मोर्चा महामंत्री जयश्री गर्ग मौजूद रही।

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