कांग्रेस के स्थापना दिवस समारोह में राहुल गांधी ने कहा कि इंडिया और एनडीए में विचारधारा की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले भाजपा के एक सांसद मुझे लोकसभा में मिले। उन्होंने मुझसे कहा कि भाजपा में गुलामी चलती है… जो ऊपर कहा जाता है, वो बिना सोचे समझे करना पड़ता है। भाजपा में रहकर सहा नहीं जाता। मैं हूं भाजपा में, मगर दिल मेरा कांग्रेस में है। मैंने कहा- भाई दिल तेरा कांग्रेस में शरीर भाजपा में। मतलब, दिल शरीर को कांग्रेस में लाने से डर रहा है, यही हो सकता है। मैंने कहा मन क्यों नहीं बन पा रहा है। आप एमपी हो। आप मुझे हिंट दे रहे हो। मन क्यों नहीं बन पा रहा है।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने पीएम से सवाल पूछा- जीएसटी में किसानों का क्या हिस्सा होगा। मोदी जी को सवाल अच्छा नहीं लगा, पटोले जी आउट हो गए। उनकी विचारधारा राजाओं की विचारधारा है। किसी की सुनना ही नहीं। ऑर्डर आएगा, आपको उसका पालन करना पड़ेगा।
राहुल गांधी ने कहा कि हमारे कार्यकर्ता मेरे सामने आते हैं और कहते हैं कि राहुल जी आपने जो ये किया अच्छा नहीं किया। मैं बताता हूं कि देखिए ये मैंने इस कारण से किया। मैं उनकी सुनता हूं। उनकी जो आवाज है उसका आदर करता हूं, रिस्पेक्ट करता हूं।
उन्होंने कहा किगांधी-नेहरू जेल गए। अंबेडकर ने सालों संघर्ष किया। हमारी विचारधारा कहती है कि देश की लगाम जनता के हाथ में होनी चाहिए। देश को जैसे पहले राजा चलाते थे। वैसे नहीं चलाया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि हम जनशक्ति, लोकशक्ति की बात करते हैं। आप हमारे सारे के सारे कानून देखिए। आजादी की लड़ाई जनता ने लड़ी थी। राजाओं ने नहीं लड़ी थी। उनकी पार्टनरशिप थी अंग्रेजों के साथ। लोग भूल जाते हैं कि आजादी की लड़ाई अंग्रेजों के खिलाफ थी। नहीं, अंग्रेजों के साथ राजाओं के खिलाफ थी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने गरीब जनता के लिए ये लड़ाई लड़ी थी। अगर आप आजादी से पहले यहां आते तो हिंदुस्तान की जनता को, महिलाओं को कोई अधिकार नहीं थे। दलितों को छुआ नहीं जाता था। ये आरएसएस की विचारधारा है। ये कांग्रेस ने बदला है।
राहुल गांधी ने कहा कि मैंने संसद में पूछा- हिंदुस्तान को 90 लोग चलाते हैं। इनमें से ओबीसी कितने हैं, दलित-आदिवासी कितने हैं। बीजेपी के लोग चुप हो गए। ओबीसी की 50% आबादी है। 90 में से 3 ओबीसी हैं। इनको कोने में रखते हैं, छोटे विभाग देते हैं।
उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की सबसे बड़ी कंपनी की लिस्ट निकालो, मुझे दिखा दो इनमें कौन ओबीसी, दलित या आदिवासी है। स्टेट की ब्यूरोक्रेसी में दिखा दो। भागदारी कहीं भी नहीं। इनमें दलित ओबीसी या आदिवासी कहां बैठा है।
राहुल गांधी ने कहा कि हर फील्ड में यही हालत है। जातीय जनगणना होनी चाहिए। पता चलना चाहिए ओबीसी कितने हैं। पहले मोदी जी खुद को ओबीसी कहते थे। मेरे सवाल के बाद भाषण बदल जाते हैं। फिर वे कहने लगे कि हिंदुस्तान में तो केवल एक जात है गरीब। जैसे हमारी सरकार दिल्ली में आएगी, हम जातीय जनगणना करवाएंगे।


