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Sunday, March 8, 2026

गुदड़ीं के लाल नहीं कर पाये एक्साइस विभाग टारगेट को पूरा,आबकारी विभाग को लगा बड़ा झटका, देखिए ये खास रिपोर्ट

पिछले वर्ष राजस्व वसूली में फिसड्डी रहे आबकारी विभाग को मौजूदा वित्तीय वर्ष की शुरूआत में ही बड़ा झटका लगा है. 

पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 में आबकारी विभाग की राजस्व वसूली का प्रारंभिक लक्ष्य करीब 17 हजार करोड़ रुपए था. इस लक्ष्य को संशोधित करते हुए विभाग इस पूरे साल महज 13 हजार करोड़ रुपए से कुछ अधिक राशि ही प्राप्त कर पाया. इस वित्तीय वर्ष में अर्जित की गई कुल राशि इससे पहले के वित्तीय वर्ष 2022-23 से करीब सौ करोड़ रुपए कम थी. विभाग के करीब दो दशक के इतिहास में ऐसा पहली बार था कि जब किसी साल की राजस्व प्राप्ति उसके पिछले साल की राजस्व प्राप्ति से कम रही हो. कम राजस्व प्राप्ति पर मुख्य सचिव सुधांश पंत ने भी विभाग को फटकार लगाई थी. मौजूदा वित्तीय वर्ष का राजस्व लक्ष्य विभाग ने 17 हजार 100 करोड़ रुपए रखा है. इसको अर्जित करने के लिए विभाग ने माह वार लक्ष्य निर्धारित किए हैं. लेकिन आबकारी विभाग इस वित्तीय वर्ष के पहले महीने में ही निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया है. आपको विस्तार से इस बारे में जानकारी देते हैं.

-आबकारी विभाग ने अप्रेल माह में राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य 1350.94 करोड़ रुपए रखा है.
-इसके मुकाबले विभाग 1105.68 करोड़ रुपए की ही प्राप्त कर पाया है.
-विभाग ने अप्रेल के तय लक्ष्य के मुकाबले 18 प्रतिशत कम राजस्व अर्जित किया है.
-अगर मई माह की बात करें तो इस माह में राजस्व प्राप्ति का कुल लक्ष्य 1675.85 करोड़ रुपए है.
-इस माह के कुल 31 में से 13 दिनों में अर्थात 13 मई तक विभाग ने 468.67 करोड़ रुपए ही अर्जित किए हैं.
-मई माह के कुल तय लक्ष्य के मुकाबले 13 मई तक विभाग 28 फीसदी लक्ष्य ही प्राप्त कर पाया है.
-पूरे मई माह के लक्ष्य के अनुसार 13 मई तक विभाग की राजस्व प्राप्ति 702.65 करोड़ रुपए होनी चाहिए.
-इस हिसाब से 13 मई तक के कुल राजस्व लक्ष्य के मुकाबले विभाग महज 66.70 फीसदी ही लक्ष्य अर्जित कर पाया है.
-13 मई तक विभाग को मई माह के कुल लक्ष्य के मुकाबले 33 फीसदी कम राजस्व मिला.

आबकारी विभाग के प्रदेश के दस संभागों के अनुसार दस जोन बने हुए हैं. हर जोन की जिम्मेदारी अतिरिक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी को दी गई है. हर जोन में संभाग के अनुसार ही जिले शामिल किए गए हैं. इस वित्तीय वर्ष के पहले महीने अप्रेल में ही विभाग राजस्व वसूली में पीछे रहा है. आपको बताते हैं किन जोन में राजस्व वसूली के लिहाज से सबसे खराब परफॉरमेंस रही और किन जोन ने बेहतर परफॉर्म किया.

-राजस्व वसूली के लिहाज से सबसे खराब परफॉरमेंस जयपुर जोन की रही है.
-जयपुर जोन लक्ष्य के मुकाबले महज 68 प्रतिशत राजस्व ही जुटा पाया है.
-इस जोन में सबसे खराब परफॉरमेंस केवल 61 प्रतिशत लक्ष्य पूरे करने वाले जयपुर शहर की रही है.
-76 प्रतिशत राजस्व जुटाने वाला बीकानेर जोन खराब परफॉरमेंस के मामले में दूसरे नंबर पर है.
-जबकि 79 प्रतिशत राजस्व जुटाने वाला कोटा इस मामले में तीसरे नंबर पर है.
-सबसे बेहतर परफॉरमेंस देखें तो 121 प्रतिशत राजस्व जुटाने वाला बांसवाड़ा जोन पहले नंबर पर है.
-अप्रेल के लक्ष्य 53.04 करोड़ के मुकाबले बांसवाड़ा जोन ने 64.09 करोड़ रुपए का राजस्व एकत्र किया.
-इस जोन में 134 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने वाला बांसवाड़ा जिला पहले और 130% लक्ष्य पूरा करने वाला प्रतापगढ़ दूसरे नंबर पर है.
-बेहतर परफॉर्मेंस के मामले में लक्ष्य का 95 प्रतिशत राजस्व जुटाने वाला पाली जोन दूसरे नंबर पर है.
-जबकि 93-93% राजस्व जुटाने वाले उदयपुर जोन और भरतपुर जोन तीसरे नंबर पर है.

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