राजस्थान के बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है। शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी मोरपाल सुमन ने सादगीपूर्ण माहौल में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस मौके पर उनके साथ सांसद दुष्यंत सिंह, मंत्री जोगाराम पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिकरवार और पार्टी के कई स्थानीय नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अब सीधा मुकाबला
नामांकन के साथ ही अंता उपचुनाव में अब मुकाबला भाजपा के मोरपाल सुमन और कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रमोद जैन भाया के बीच होता दिख रहा है। हालांकि, निर्दलीय नरेश मीणा भी तीसरी ताकत के रूप में चुनावी अखाड़े में हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, नामांकन की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर है और वोटिंग 11 नवंबर 2025 को होगी।
संगठनात्मक ताकत बनाम सादगी
15 अक्टूबर को कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने नामांकन से पहले एक विशाल रैली और शक्ति प्रदर्शन किया था, जिसमें राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर के कई नेता शामिल हुए थे। दूसरी ओर, भाजपा ने 17 अक्टूबर को मोरपाल सुमन के नाम की घोषणा की और 18 अक्टूबर को बिना किसी विशेष रैली के शांतिपूर्वक नामांकन दाखिल कराया।
स्थानीय उम्मीदवार पर दांव
मोरपाल सुमन, अंता क्षेत्र के स्थानीय नेता हैं और माली समाज से आते हैं, जिसकी क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति है। भाजपा को विश्वास है कि उनकी जमीनी पकड़, समाज का समर्थन और सरल व संयमित छवि पार्टी को फायदा दिला सकती है।


