भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले पर मौजूदा सरकार से सवाल किए, तो पलटवार में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और हरियाणा प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया ने कड़ा जवाब दिया। पूनिया ने कहा कि गहलोत सड़क पर आंदोलन करने और विपक्ष की भूमिका निभाने की बजाय सुर्खियों में बने रहने के लिए बयान देते हैं। इसको लेकर मैं गहलोत को कोचिंग दे सकता हूं।’ पूनिया ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कन्हैयालाल हत्याकांड की एनआईए जांच कर रही है। मामला कोर्ट में भी है। मानगढ़ धाम को लेकर कहा कि भाजपा सरकार में मानगढ़ धाम विकसित हुआ है। पूनिया ने कांग्रेस सरकार के दौरान की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। गहलोत पर निशाना साधते हुए यहां तक कह दिया कि गहलोत सुर्खियों में बने रहना जानते हैं। आजकल गहलोत के सक्रिय रहने की पर्दे के पीछे की कहानी भी कुछ और है।
भाजपा नेता ने गहलोत के कार्यकाल पर हमला बोलते हुए कहा कि 2018 से 2023 के दौरान राजस्थान अपराध, भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसे मामलों में देशभर में बदनाम हुआ। पूनिया के मुताबिक उस समय रोजाना 17 दुष्कर्म और 8 हत्याएं होती थीं। महिला अपराध और बच्चों की तस्करी के मामलों में राजस्थान देश में नंबर वन बन गया था। यहां तक कि शांतिप्रिय प्रदेश में 10 प्रतिशत अधिक सांप्रदायिक दंगे गहलोत के कार्यकाल में हुए।
भाजपा नेता पूनिया ने अशोक गहलोत के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गहलोत राजनीतिक रूप से असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और विपक्ष की भूमिका सही तौर पर नहीं निभा पा रहे। सिर्फ सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह की अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। विपक्ष में रहने के बावजूद गहलोत एक आंदोलन तक नहीं कर पाए, यदि उनको विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए कोचिंग की जरूरत है तो मैं देने को तैयार हूं। पूनिया ने कहा कि गहलोत अब बेसिर-पैर की बातें कर रहे हैं। इतने बड़े राजनीतिक कद वाले व्यक्ति के लिए ऐसी बातें करना समझ से परे है. उनकी बातों से ऐसा प्रतीत होता है कि एक सामान्य परिवार से आने वाले व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनने की बात गहलोत सहन नहीं कर पा रहे। गहलोत मुख्यमंत्री की कुर्सी पर अपना फंडामेंटल राइट समझते हैं।


