ब्राजील के रियो डी जनेरियो में आयोजित हो रहे 17वें BRICS सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की धारा 34 में कड़ी शब्दों में निंदा की गई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समिट में कहा कि पहलगाम आतंकी हमला सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत पर चोट है। आतंकवाद की निंदा हमारा सिद्धांत होना चाहिए, सुविधा नहीं। इसके साथ ही उन्होंने एक नई विश्व व्यवस्था की मांग उठाई।
पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने में बिल्कुल भी संकोच नहीं किया जाना चाहिए। हम आतंकवाद के पीड़ितों और उनके समर्थकों को एक ही तराजू पर नहीं तौल सकते हैं। उन्होंने सभी देशों से निर्णायक कार्रवाई करने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत आतंकवाद का शिकार है, जबकि पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थक है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के पीड़ित और समर्थन देने वालों को एक ही तराजू पर नहीं तौला जा सकता। राजनीतिक लाभ के लिए आतंक पर चुप्पी स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि, ‘इस दुख की घड़ी में, मैं उन मित्र देशों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं जो हमारे साथ खड़े रहे जिन्होंने समर्थन और संवेदना जताई। आतंकवाद की निंदा करना हमारा ‘सिद्धांत’ होना चाहिए न कि केवल सुविधा। अगर हम पहले यह देखेंगे कि हमला किस देश में हुआ, किसके खिलाफ हुआ, तो यह मानवता के साथ विश्वासघात होगा। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने भी पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थन करने के लिए आड़े हाथों लिया और दुनिया के नेताओं से आतंक के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। पीएम मोदी ने साफ कहा कि पहलगाम आतंकी हमला भारत की आत्मा और गरिमा पर किया गया हमला था।


