ब्यावर। जिले के चर्चित विधायक शंकर सिंह रावत की पुत्री पर फर्जी तरीके से नौकरी लेने के आरोप के बाद अब उनकी बहू भी घिर गई हैं। आरोप है कि उनके पति गोपाल सिंह की पत्नी सुनीता ने केवल कागज़ों में फर्जी तलाक लेकर शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल की। शिकायतकर्ता फणीश सोनी का कहना है कि सुनीता और गोपाल सिंह साथ रहते हैं और उनके दो बच्चे भी हैं। इसके बावजूद विधायक ने अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए तलाक के दस्तावेज तैयार कराए, जिसके आधार पर सुनीता को सरकारी नौकरी मिल गई।
फणीश सोनी ने यह मामला बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ तक पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि सुनीता को 23 नवंबर 2005 को फर्जी तौर पर तलाकशुदा दिखाया गया, और उसी आधार पर उन्हें परित्यक्ता कोटे में नौकरी दिलवाई गई। नौकरी मिलने के बाद उन्हें STC की डिग्री, ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन भी कराई गई। जानकारी के अनुसार, सुनीता फिलहाल रतना भोपा का बाड़िया स्कूल में तैनात हैं और स्कूल स्टाफ के मुताबिक वह केवल तीन-चार महीने में एक बार स्कूल आती हैं, रजिस्टर में एक साथ दस्तखत करके चली जाती हैं।
जब विधायक शंकर सिंह रावत से इस मामले पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। उनके पुत्र गोपाल सिंह ने सवाल सुनने के बाद फोन काट दिया और उनका नंबर अब स्विच ऑफ है। शिकायतकर्ता ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाना है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी को सजा मिलनी या नहीं, उससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि विधायक और उनके परिवार की नैतिकता पर क्या कार्रवाई होगी। मामला अब बीजेपी आलाकमान तक पहुंच गया है और राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज है।


