जयपुर। पीसीसी में कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ की मीटिंग आयोजित की गई। इस बैठक में विभाग के राष्ट्रीय चेयरमेन अनिल जयहिंद और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी शामिल हुए। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संबोधित करते हुए कहा कि राहुल गांधी सभी के लिए न्याय चाहते हैं। गडकरी को कहना पड़ा कि गरीब व अमीर में गैप बढ़ता जा रहा है। इस गैप को राहुल गांधी खत्म करना चाहते हैं। मैं राहुल गांधी को रिफ़ार्मिस्ट के रूप में देखता हूं। महिलाओं को राजनीतिक आरक्षण मिलना चाहिए।
केंद्र की जातिगत जनगणना को लेकर लोग आशंकित हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि बिहार चुनाव देखकर घोषणा की हो। NDA सरकार पर लोगों को भरोसा नहीं है। मैं कई बार मजाक में राहुल गांधी को कह देता हूं कि आप संत बनोगे या साधु बनोगे। राहुल गांधी किसी से नफरत नहीं करते चाहे मोदी हो या शाह। भले ही लगता हो कि उनको गुस्सा आता हो।
हमारा मुल्क फूलों का गुलदस्ता है। इसको तोड़ने की कोशिश कैसे कर सकते हैं। राहुल गांधी सामाजिक न्याय चाहते हैं। OBC में ज्यादातर लोगों की धार्मिक प्रवृत्ति होती हैं। हमारे नेताओं के तो नाम में ही राम लिखा हुआ है। नाथू राम मिर्धा, परसराम मदेरणा इनके नाम में राम है। भाजपा वाले तो झूठा दावा करते हैं, झूठा कब्जा कर लिया है. राम तो हमारे हैं, हमारे नामों में ही राम है।
गहलोत ने कहा कि विश्वगुरु बनने की बात हम करते हैं। विश्वगुरु तब बनेगा तब सभी जाति, सभी धर्म के लोग, वो एकजुट रहेंगे और एकजुट तब रहेंगे जब सामाजिक न्याय मिलेगा। अगर जाति के आधार पर भेदभाव होगा, ऊँच-नीच होगी, छुआ-छूत होगी। तो जब देश के अंदर छुआ-छूत भी है जातिगत भेदभाव भी है, भागीदारी है ही नहीं, मीडिया में नहीं है, इंडस्ट्रीज़ में नहीं है, कही नही है, तो फिर विश्वगुरु कैसे बनेगा? विश्वगुरु ऐसे नही बनता है, विश्वगुरु बनने के लिए पूरा मुल्क पहले एकजुट रहे, जिसका राहुल गाँधी जी ने आहावन किया है।
आप देखेंगे की सामाजिक न्याय की लड़ाई जो है ये लोगों के जहन में बैठ रही है, की अन्याय, अन्याय किसी के साथ नहीं होना चाहिए चाहे वो कोई भी जाती का हो कोई भी धर्म का हो और मैं उम्मीद करता हूँ की जिस प्रकार का इन्होंने एजेंडा बना रखा है बीजेपी ने धर्म के नाम पर राजनीति करना और वो तमाम, इस कैंपेन के बाद में हर व्यक्ति समझ जाएगा। ये धर्म के नाम पर हमें भड़का रहे हैं। असली रास्ता राहुल गाँधी का है, जो न्याय का रास्ता है, जो न्याय का रास्ता है। अगर हमें देश को आगे बढ़ाना है।


