रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार शाम जैसलमेर पहुंचे और वहां आर्मी स्टेशन में बने शौर्य पार्क और कैक्टस पार्क का उद्घाटन किया। इन पार्कों में भारतीय सेना के शौर्य, इतिहास और युद्ध गाथाओं को दर्शाया गया है। इसी अवसर पर उन्होंने नए लाइट एंड साउंड शो की शुरुआत भी की।
शुक्रवार सुबह रक्षा मंत्री जैसलमेर के सीमावर्ती तनोट क्षेत्र में स्थित विख्यात तनोट माता मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश में सुख-शांति की कामना की। तनोट पहुंचने पर BSF DIG सेक्टर नार्थ जतिंदर सिंह बिंजी, सेक्टर साउथ DIG एम के नेगी और 20 बटालियन के कमाण्डेन्ट नीरज शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। रक्षा मंत्री के साथ चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपनेंद्र द्विवेदी सहित अन्य सैन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
तनोट माता मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद रक्षा मंत्री लोंगेवाला युद्धस्थल पर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे। यहां वे जवानों से संवाद करेंगे और सेना की ऑपरेशनल तैयारियों का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद वे आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे, जिसका मुख्य विषय इस बार “Year of Reforms” यानी सेना में सुधारों का वर्ष है।
तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस 23 से 25 अक्टूबर तक जारी रहेगी। इसमें रक्षा मंत्री और सेना के वरिष्ठ अधिकारी देश की सुरक्षा स्थिति और भविष्य की सैन्य रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान थल सेना प्रमुख उपनेंद्र द्विवेदी अग्निवीर योजना के तहत स्थायी भर्ती का कोटा 25% से बढ़ाकर 75% करने का प्रस्ताव रखेंगे।
ऑपरेशन सिंदूर पर बोले रक्षा मंत्री
शौर्य पार्क के उद्घाटन के बाद रक्षा मंत्री ने कहा कि हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को “ठीक-ठाक डोज़” दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान ने फिर कोई “मिस एडवेंचर” किया, तो उसका अंजाम उसे पता होगा। सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर समाप्त नहीं हुआ है, केवल स्थगित किया गया है, और हमें हर समय सतर्क और तैयार रहना चाहिए।


