जयपुर के अजमेर रोड स्थित ठिकरिया में सोमवार से बाबा उमाकांत महाराज आश्रम में चार दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आगाज हो गया है। यह आयोजन 7 से 10 जुलाई 2025 तक चलेगा। कार्यक्रम में प्रतिदिन सुबह 5:00 बजे और शाम 5:00 बजे से ध्यान, भजन, सत्संग और नामदान का आयोजन किया जाएगा। सत्संग में बाबा उमाकांत महाराज ने भक्तों को दैहिक, दैविक और भौतिक कष्टों से मुक्ति का मार्ग बताया।
उन्होंने कहा कि सभी प्रकार की तकलीफों से छुटकारा पाने के लिए नियमित भजन-ध्यान आवश्यक है। खान-पान की गलत आदतों से होने वाले रोग, प्राकृतिक आपदाएं या दैवीय शक्तियों के प्रकोप से होने वाली परेशानियों का समाधान श्रद्धा और विश्वास से किए गए भजन-ध्यान से संभव है। महाराज ने बताया कि कुछ तकलीफें पूर्वानुमान योग्य होती हैं, जैसे खान-पान से जुड़ी समस्याएं। लेकिन भौतिक और दैविक कष्टों का पूर्वानुमान कठिन होता है। उन्होंने भक्तों को सलाह दी कि वे मंच के दाहिनी ओर जयगुरुदेव नाम के झंडे के पास अपनी तकलीफें श्रद्धापूर्वक निवेदन कर सकते हैं।
गुरु पूर्णिमा मंच के दाई तरफ ‘जयगुरुदेव’ नाम का झंडा लगा है। तो वहां पर जाना जब जिसको समय मिले और अंतर में अपनी तकलीफ को बोलना, श्रद्धा प्रेम से मत्था टेकना वहां पर। और मत्था टेक करके बाहर निकल जाना। तो जिसकी जैसी श्रद्धा होगी, जिसका जैसा विश्वास होगा, जिसका जैसा कर्म होगा, उस हिसाब से उनको सबको फायदा मिलेगा। यह, 10 तारीख की सुबह कार्यक्रम तक, पूजन का प्रसाद बंटेगा तब तक फायदा होगा।
इस उपाय से दैहिक, दैविक, भौतिक तापों से छुटकारा मिलेगा, फायदा होगा। तकलीफों में सबको फायदा होगा। दो आना, चार आना से लेकर सोलह आना तक फायदा होगा इससे लेकिन विश्वास के साथ जब करोगे तब और भजन-ध्यान करते रहोगे तब। चाल-चलन सही रखोगे, खानपान सही रखोगे, शाकाहारी रहोगे, नशामुक्त रहोगे, तो ज्यादा फायदा होगा। और अगर लगे रहोगे, भजन ध्यान सुमिरन में, गुरु के प्रति प्रेम बनाए रहोगे तो धीरे-धीरे यह कष्ट कट जाएंगे।


