भिवाड़ी, 21 सितंबर। लघु उद्योग भारती की ओर से भिवाड़ी मेला ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय बी2बी एग्जिबिशन भारत उद्योग दर्शन आज संपन्न हो गई। समापन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर राजस्थान सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि औद्योगिक प्रदर्शनी युवाओं में उद्यमिता का बीज बोने का काम करती हैं और नए उद्यमियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों की सार्थकता तब और बढ़ जाएगी, जब किसान के द्वारा उद्योगों के लिए दी गई जमीन पर लगने वाले कल-कारखानों में उसके बच्चों को भी रोजगार मिलेगा।
उन्होंने कहा कि उद्योगों का संचालन करते वक्त उद्यमी ट्रीटेड वाटर को पुनः काम में लेना सुनिश्चित करे। जो उद्योग ऐसा कर रहे हैं, वे निश्चित रूप से देश की सेवा कर रहे हैं। लेकिन जो उद्योग नॉन ट्रीटेड वाटर को सीधे जमीन पर छोड़ कर खतरनाक रसायनों के माध्यम से इस धरती को प्रदूषित करने का काम कर रहे हैं और पर्यावरण का सीधे नुकसान कर रहे हैं, ऐसे उद्योगों के विरुद्ध शासन की ओर से सख्त कार्यवाही की जाएगी। शर्मा ने जानकारी दी कि प्रदेश के जोधपुर बालोतरा के आवासीय क्षेत्र में संचालित ऐसे अनेक उद्योगों को सरकार ने बंद करवाया है जो बिना एनओसी के चल रहे थे और वे दूषित पानी से जमीन को नुकसान भी पहुंचा रहे थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में कभी ऐसी नौबत न आए, इसका हम सभी को ध्यान रखना होगा।

इस अवसर पर उन्होंने लघु उद्योग भारती द्वारा प्रदेश में कौशल विकास के जरिए महिला स्वावलंबन और स्वरोजगार की दिशा में किए जा रहे अनूठे कार्यों की प्रशंसा की और बताया कि संगठन ने पारंपरिक कुटीर उद्योगों के संरक्षण के लिए भी विशेष प्रयास किए हैं। इस अवसर पर तिजारा विधायक बाबा बालकनाथ, रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह, विमल पंडित और लघु उद्योग भारती जयपुर अंचल की सचिव सुनीता शर्मा ने भी उद्यमियों को संबोधित किया। आईआईएफ टीम से अनन्य जैन ने आभार प्रदर्शित किया। मंच पर उद्यमी सरजीत यादव, अजीत यादव और मीना जैन भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन शशिकांत पाठक, अर्चना नाकरा, नितिन रस्तोगी और नवनीता शर्मा ने किया।

इससे पूर्व वेस्ट मैनेजमेंट एंड बिजनेस अपॉर्चुनिटी विषय पर दिल्ली की डॉ. रूबी माखीजा ने बताया कि प्लास्टिक के नैनो पार्टिकल्स हमारे शरीर में लगातार इकट्ठे होकर कई जानलेवा बीमारियों को पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अकेले दिल्ली शहर से साढ़े ग्यारह हजार टन कचरा रोज पैदा होता है जिसमें प्लास्टिक वेस्ट भी बड़ी मात्रा में रहता है। उन्होंने बताया कि हमारी घोर लापरवाही की वजह से कूड़े के बड़े अंबार देशभर में कई शहरों में लग गए हैं। उन्होंने सूखे, गीले और सेनेटरी वेस्ट को अलग रखने पर जोर दिया जिससे वेस्ट सौ फीसद रिसाइक्लिंग प्रोसेस में काम आ सके।

सूक्ष्म और लघु उद्योगों को आसान ऋण उपलब्ध करवाने के लिए सिडबी के प्रतिनिधि ने भी एमएसएमई की कई योजनाओं की जानकारी दी। लघु उद्योग भारती के प्रदेश महामंत्री सुधीर गर्ग ने उद्योग प्रदर्शनी को सफल बताया। प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा कि इस आयोजन से भिवाड़ी और आसपास के अन्य औद्योगिक क्षेत्र फोकस में आ गए हैं, जिससे यहां की बुनियादी समस्याओं का शीघ्र निराकरण हो सकेगा और उद्योगों को भी और गति मिल सकेगी।


