जयपुर के चांदपोल बाजार स्थित प्रसिद्ध श्री प्रजीत चाट भंडार ने अपनी विशेष चाट का भोग वृंदावन धाम में ठाकुर श्री राधावल्लभ लाल जी को अर्पित किया। जयपुर का यह चाट भंडार अपनी अनूठी और स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए जाना जाता है। यहां की सूजी वाली दही पताशी का तो अलग ही जलवा है। पताशे इतने कुरकुरे होते हैं कि एक बार खाने के बाद हर कोई कह उठता है – “वाह भाई, मजा आ गया।” वहीं, आलू की टिक्की का करारा स्वाद और उस पर छिड़का जाने वाला विशेष मसाला लोगों को बार-बार अपनी ओर खींच लाता है।
यही वजह है कि स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटक भी यहां की चाट का स्वाद चखे बिना नहीं रह पाते। इसी चाट का अनोखा स्वाद अब वृंदावन के ठाकुर श्री राधावल्लभ लालजी तक पहुँचाया गया। श्री प्रजीत चाट भंडार की ओर से आलू की टिकिया, पापड़ी चाट और पानी पताशी का विशेष भोग तैयार किया गया। यह भोग सीधे वृंदावन स्थित श्री राधावल्लभ मंदिर की निजी रसोई में तैयार हुआ।
रसोई में चाट को विधिपूर्वक और शुद्ध सामग्री से तैयार किया गया ताकि ठाकुर जी को सबसे अच्छा स्वाद मिले। भोग तैयार होने के बाद इसे मंदिर में ठाकुर जी को अर्पित किया गया। इस मौके पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे जिन्होंने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर श्री प्रजीत चाट भंडार के संचालक मौनेंद्र शर्मा ने ठाकुर श्री राधावल्लभ लालजी का दर्शन लाभ लिया और अपने व्यापार तथा परिवार के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही उन्होंने गुरुदेव गौरव गोस्वामी का आशीर्वाद भी ग्रहण किया। मौनेंद्र शर्मा ने कहा कि यह उनके लिए जीवन का सबसे सौभाग्यशाली पल था।


