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Saturday, March 7, 2026

जोधपुर में कांग्रेस की बैठक में भिड़े गहलोत-पायलट समर्थक, ‘एक लाइन का प्रस्ताव’ बना विवाद का केंद्र

राजस्थान कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत जोधपुर में हुई एक बैठक ने एक बार फिर पार्टी की पुरानी गुटबाजी को सतह पर ला दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गढ़ जोधपुर में, शहर अध्यक्ष चुनाव को लेकर सूरसागर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित फीडबैक बैठक के दौरान, स्थानीय नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। गहलोत समर्थक प्रीतम शर्मा और पायलट गुट के प्रमुख नेता राजेश रामदेव के बीच वन-टू-वन मीटिंग की लिस्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ने सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर व्यक्तिगत आरोप लगाने शुरू कर दिए। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे कांग्रेस की संगठनात्मक एकता पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।

कैसे भड़का विवाद?

सूरसागर के एक सामुदायिक हॉल में आयोजित बैठक में करीब 150 कार्यकर्ता मौजूद थे। एआईसीसी से आए पर्यवेक्षक सुशांत मिश्रा ने बैठक की शुरुआत में ही पारदर्शिता का भरोसा दिलाते हुए कहा कि हर कार्यकर्ता की राय ली जाएगी। लेकिन जैसे ही वन-टू-वन मीटिंग की लिस्ट सामने रखी गई, मामला बिगड़ गया। प्रीतम शर्मा ने आरोप लगाया कि इस लिस्ट में जानबूझकर पायलट समर्थकों को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने इसे साजिश बताते हुए कहा, “छोटे कार्यकर्ताओं को दबाने की कोशिश हो रही है।”

इस पर राजेश रामदेव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “तुम्हारी तानाशाही नहीं चलेगी। हम पारदर्शी चुनाव चाहते हैं, गुटबाजी नहीं।” दोनों नेताओं की चिल्ला-चोट इतनी बढ़ गई कि पर्यवेक्षक मिश्रा को बीच-बचाव करना पड़ा। वीडियो में प्रीतम शर्मा को कुर्सी से उठकर इशारे करते और रामदेव को जवाब देते देखा जा सकता है।

हंगामे में नेताओं ने की मध्यस्थता

बैठक में मौजूद अन्य वरिष्ठ नेता शहजाद खान और राजेश सारस्वत ने दोनों नेताओं को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन तब तक बैठक का माहौल गरम हो चुका था। कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी और असमंजस साफ दिखा।

गुटबाजी फिर हुई उजागर

इस घटना ने एक बार फिर राजस्थान कांग्रेस की गहलोत-पायलट गुटबाजी को उजागर कर दिया है। जोधपुर, जिसे गहलोत का मजबूत किला माना जाता है, वहां पर इस तरह का टकराव कांग्रेस के लिए राजनीतिक शर्मिंदगी का कारण बन गया है।

सोशल मीडिया पर उठे सवाल

वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर कांग्रेस की जमकर आलोचना हो रही है। एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, “संगठन सृजन नहीं, गुट सृजन हो रहा है।” वहीं भाजपा नेताओं ने भी इस मौके को भुनाते हुए कहा, “कांग्रेस की एकजुटता अब दिखावा भर रह गई है।”

हाईकमान की बढ़ी चिंता, पर्यवेक्षक से रिपोर्ट तलब

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रतिक्रिया में कहा, “यह आंतरिक मामला है, इसे सुलझा लिया जाएगा।” वहीं पायलट खेमे के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “पारदर्शिता की मांग को कुचला नहीं जा सकता।” सूत्रों के मुताबिक, पार्टी हाईकमान ने पर्यवेक्षक सुशांत मिश्रा से विवाद पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

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