राजस्थान के जोधपुर शहर को एक बार फिर केंद्र सरकार की ओर से शानदार तोहफा मिला है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने गृह नगर जोधपुर को हाई-स्पीड ट्रेनों का प्रमुख हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो के दूसरे चरण के लिए 195 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इससे जोधपुर अब देश में तेज रफ्तार ट्रेनों का अहम केंद्र बनेगा।
डिपो का विस्तार और नई सुविधाएं
इस राशि से वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के रखरखाव डिपो को और मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही जोधपुर में एक बहुद्देश्यीय वर्कशॉप और विश्वस्तरीय ट्रेनिंग सेंटर भी बनाया जाएगा। उत्तर पश्चिम रेलवे ने रेलवे बोर्ड को इसी 195 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई है। अब हाई-स्पीड ट्रेनों के इंजीनियरों को जोधपुर में ही ट्रेनिंग मिलेगी, जिससे समय की बचत के साथ तकनीकी दक्षता भी बढ़ेगी।
पहले चरण की प्रगति और लागत
पहले चरण में भगत की कोठी में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के मेंटेनेंस डिपो का निर्माण 167 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा है। इस परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी 2024 को किया था। दूसरे चरण में इंस्पेक्शन बे लाइन पर कवर्ड शेड, बड़ा वर्कशॉप क्षेत्र, ओएचई सुविधा वाली पिट लाइन, पिट व्हील मेंटेनेंस और नई सर्विस बिल्डिंगें तैयार की जाएंगी।
डिपो की खासियतें
करीब 18 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में फैला यह डिपो तीन लाइन वाला होगा, और हर लाइन 600 मीटर लंबी होगी। यह देश के सबसे आधुनिक और अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त डिपो के रूप में विकसित किया जा रहा है। जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी के अनुसार, भगत की कोठी वाशिंग लाइन के पास 167 करोड़ से कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर का लाभ
दूसरे चरण में बनने वाला आधुनिक आवासीय ट्रेनिंग सेंटर जोधपुर को विशेष पहचान देगा। यहां वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव से जुड़े इंजीनियर और कर्मचारी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। वे उन्नत मशीनरी और उपकरणों को संभालने में विशेषज्ञ बनेंगे। रेल मंत्री की यह मंजूरी उत्तर पश्चिम रेलवे के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।


